DSP को मनचाही पोस्टिंग का ऑफर! भारत सरकार का अधिकारी बन घूम रहा था युवक, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों के लोगों से लाखों की ठगी

Fraud Case: खुद को भारत सरकार का अधिकारी बताकर एक युवक लंबे समय से लोगों को ठगी का शिकार बना रहा था। फर्जी और एडिटेड आईडी कार्ड के सहारे वह सरकारी नौकरी और मनचाही पोस्टिंग का भरोसा दिलाकर छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों के लोगों से लाखों रुपये ऐंठ चुका था।

Jul 12, 2026 - 00:11
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DSP को मनचाही पोस्टिंग का ऑफर! भारत सरकार का अधिकारी बन घूम रहा था युवक, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों के लोगों से लाखों की ठगी

Chhattisgarh Thagi News: केंद्रीय अधिकारी बनकर एक युवक पिछले कई साल से रायपुर में घूम रहा था। वह अपनी ऊंची पहुंच होने का दावा करके सरकारी कर्मचारियों को ट्रांसफर-पोस्टिंग कराने के नाम पर झांसा देता था। अपनी कार पर भारत सरकार लिखवाकर घूमता था। इसकी शिकायत मिलने पर पुलिस ने उसके खिलाफ ठगी का मामला दर्ज किया। उसे हिरासत में ले लिया गया है।

पुलिस के मुताबिक, डीएसपी गुरु नारायण की करीब दो साल पहले ट्रेन में रजनीश कुमार राय उर्फ छोटू राय से मुलाकात हुई थी। रजनीश ने खुद को केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में सहायक आयुक्त बताया था। इसके साथ ही किसी भी विभाग में नौकरी, ट्रांसफर व पोस्टिंग कराने का झांसा दिया। इसके बाद दोनों के बीच बात होती रही।

डीएसपी को मनचाही पोस्टिंग का ऑफर!

इस बीच उसने नारायण को 5 लाख रुपए में मनचाही जगह पदस्थापनाा कराने का प्रलोभन दिया। रजनीश द्वारा अलग-अलग पद व विभाग के पहचान पत्र दिखाने पर नारायण को संदेह हुआ। उन्होंने सिविल लाइन थाने में इसकी शिकायत की। पुलिस ने बीएनएस की धारा 318 (2), 319 (2), 336 (3) 340 के तहत मामला पंजीबद्ध कर जांच शुरू की। इसके बाद रजनीश को अमलेश्वर से गिरफ्तार कर लिया।

कई लोगों से वसूली

आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया कि उसने छत्तीसगढ़ और बिहार के कई लोगों से नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों रुपए लिए हैं। ठगी की रकम से लैपटॉप, मोबाइल व अन्य सामग्री खरीदी थी। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी ने 12 से अधिक लोगों से 30 लाख रुपए से ज्यादा ठगे हैं। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर फर्जी पहचान पत्र, दस्तावेज, मोबाइल फोन, लैपटॉप, तीन सिम कार्ड, क्रेडिट कार्ड संबंधी दस्तावेज, नगद राशि और एक कार जब्त की है।

एडिटेड आईडी कार्ड के सहारे करता था ठगी

पुलिस के मुताबिक आरोपी फर्जी और एडिटेड पहचान पत्र तैयार कर खुद को केंद्रीय अधिकारी बताता था। इन्हीं दस्तावेजों के दम पर वह लोगों का भरोसा जीतकर मनचाही पोस्टिंग और सरकारी नौकरी दिलाने का दावा करता था। जांच में सामने आया है कि उसने छत्तीसगढ़ और बिहार समेत कई लोगों को अपना शिकार बनाया। पुलिस के अनुसार आरोपी के महंगे शौक थे और उन्हें पूरा करने के लिए वह इस तरह की ठगी को अंजाम देता था।

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