Police Threat Fraud: 'SP साहब को देना पड़ेगा पैसा' कहकर 1 लाख की ठगी, बिलासपुर में पुलिस के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा
Bilaspur Crime News: बिलासपुर में पुलिस अधिकारियों के नाम का दुरुपयोग कर 'SP साहब को पैसा देना पड़ेगा' कहकर एक परिवार से 1 लाख रुपये की ठगी की गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पुलिस अधिकारियों के नाम पर एक युवक और उसके परिवार से 1 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि थाने में हुए एक विवाद के बाद युवक की घबराहट का फायदा उठाकर आरोपियों ने उसके परिवार को यह कहकर डराया कि मामला गंभीर है और "एसपी साहब को पैसा देना पड़ेगा, तभी मामला शांत होगा।" इसके एवज में पहले 5 लाख रुपये की मांग की गई, जिसमें परिवार ने डर के कारण 1 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
मामले की शिकायत मिलने पर तारबाहर थाना पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
थाने पहुंचने के बाद घबराया युवक
पुलिस के अनुसार, महासमुंद जिले के सरायपाली थाना क्षेत्र के ग्राम मोहदा निवासी रूपेश पटेल, जो पेशे से फोटोग्राफर है, 19 जून को निजी कार्य से बिलासपुर आया था। इसी दौरान उसकी परिचित भारती मिरे और नेहा पंत के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर तीनों को तारबाहर थाने ले जाया गया।
थाने पहुंचने के बाद रूपेश घबरा गया और उसने अपने मित्र सचिन मेहर को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी।
पुलिस अधिकारियों के नाम पर मांगे 5 लाख रुपये
शिकायत के मुताबिक, सचिन मेहर ने यह जानकारी अपने परिचित सुमित देवांगन को दी। इसके बाद दोनों ने कथित रूप से रूपेश की स्थिति का फायदा उठाने की योजना बनाई।
आरोप है कि आरोपियों ने रूपेश के परिवार से संपर्क कर कहा कि मामला गंभीर है और पुलिस अधिकारियों को पैसे देकर ही इसे शांत कराया जा सकता है। उन्होंने परिवार को डराते हुए पांच लाख रुपये की मांग की और रकम नहीं देने पर युवक के खिलाफ सख्त कार्रवाई होने की बात कही।
डर के कारण परिवार ने भेजे 1 लाख रुपये
बेटे पर कार्रवाई की आशंका से घबराए परिवार ने सुमित देवांगन के बैंक खाते में 1 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। हालांकि, आरोप है कि रकम मिलने के बाद भी आरोपियों ने शेष 4 लाख रुपये की मांग जारी रखी और लगातार फोन व मैसेज कर दबाव बनाते रहे। साथ ही पैसे नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई।
कथित पत्रकार के खाते में पहुंची रकम
शिकायतकर्ता रूपेश पटेल ने जब सुमित देवांगन से ट्रांसफर किए गए पैसे के बारे में पूछा, तो उसने बताया कि 19 जून की शाम उक्त 1 लाख रुपये चांपा निवासी एक कथित पत्रकार महेंद्र देवांगन के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए गए थे।
इस जानकारी के बाद पुलिस अब यह जांच कर रही है कि रकम का वास्तविक उपयोग किस उद्देश्य से किया गया और पूरे मामले में किन-किन लोगों की भूमिका रही।
एक आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी
शिकायत के आधार पर तारबाहर थाना पुलिस ने सचिन मेहर, सुमित देवांगन सहित तीन आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, धमकी और अवैध वसूली से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है।
पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश और उनकी भूमिका की जांच जारी है।
बैंक खातों और कॉल रिकॉर्ड की हो रही जांच
पुलिस मामले की जांच के तहत बैंक खातों में हुए लेन-देन, मोबाइल कॉल डिटेल, मैसेज रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद मामले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी मामले में पुलिस अधिकारी या अन्य सरकारी अधिकारी के नाम पर पैसे मांगने वाले व्यक्तियों पर बिना पुष्टि किए भरोसा न करें और ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें।
What's Your Reaction?





