CG Dhan Kharidi: किसान हुए धोखाधड़ी का शिकार, नर-नारी धान बीज के झांसे में आकर गवाए लाखों

CG Dhan Kharidi: नुकसान झेल चुके किसान पिछले 6 माह से मुआवजे के लिए जिला प्रशासन और कृषि विभाग के 10 से अधिक बार चक्कर लगा चुके हैं।

Nov 20, 2025 - 13:55
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CG Dhan Kharidi: किसान हुए धोखाधड़ी का शिकार, नर-नारी धान बीज के झांसे में आकर गवाए लाखों

CG Dhan Kharidi: बेमेतरा जिले के बेमेतरा व बेरला ब्लॉक के दर्जनों किसान निजी सीड्स कंपनी के ‘नरनारी’ धान बीज का बेहतर उत्पादन और ऊंचे दामों पर खरीद का झांसा देने वाली योजना के फेर में आकर लाखों रुपए का नुकसान झेल रहे हैं। कंपनी ने किसानों से 8,000 रुपए प्रति क्विंटल की दर पर उपज खरीदने का वादा किया था लेकिन फसल खराब होने के बाद कंपनी के जिमेदार और कृषि विभाग के अधिकारियों के सामने आने से बच रहे हैं।

जिले के करीब 300 एकड़ रकबे में नरनारी धान की फसल लेने वाले 30 से अधिक किसान इस धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं। नुकसान झेल चुके किसान पिछले 6 माह से मुआवजे के लिए जिला प्रशासन और कृषि विभाग के 10 से अधिक बार चक्कर लगा चुके हैं। कृषि विभाग ने मामले में आगे की कार्रवाई के लिए बेरला पुलिस को पत्र जारी कर दिया है।

100 रुपए के स्टांप पर हुआ था अनुबंध

निजी सीड्स कंपनी ने ग्राम सोढ़, केशडबरी, पहंदा, बावनलाख, हडुवा, मौहाभाठा, निनवा, सल्धा, देवरबीजा और अन्य गांवों के लगभग 30 किसानों के साथ स्टांप पेपर पर अनुबंध किया था। कंपनी ने रबी सीजन के दौरान प्रति एकड़ 12 से 14 क्विंटल उत्पादन का दावा किया था। वहीं फसल तैयार होने पर किसानों से 8,000 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदने का वादा किया गया था, जिससे सामान्य धान की आय 48 हजार रुपए प्रति एकड़ की तुलना में सवा लाख रुपए प्रति एकड़ तक की आय होने का अनुमान था।

क्षतिपूर्ति का आश्वासन

कंपनी के हरि किशन गंगीर ने यह भरोसा दिया था कि धान का उत्पादन न होने पर किसानों को प्रति एकड़ 50 हजार रुपए की क्षतिपूर्ति राशि एक माह के भीतर दी जाएगी। किसानों ने बताया कि उमीद के विपरीत फसल लेने के बाद प्रति एकड़ में महज 1 से 2 क्विंटल का ही उत्पादन हुआ। किसान खेलू राम के अनुसार प्रति एकड़ 40 हजार रुपए से अधिक की लागत लगी, जिससे लाभ की उमीद कर रहे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। किसान प्रमोद कुमार, भोजराम साहू, टेकराम साहू समेत अन्य किसानों ने शिकायत की है कि फसल में 80 फीसदी करगा (खाली दाने) निकले हैं। बचे हुए धान में भी केवल ‘नारी’ का उपज खरीदने का वादा किया गया था।

किसानों ने लगाई न्याय की गुहार

प्रभावित किसानों ने बीज उत्पादक कंपनी के खिलाफ सत कार्रवाई की मांग की है और जिले में इस कंपनी के प्रोडक्ट पर रोक लगाने की मांग की है। किसानों ने बताया कि धमधा क्षेत्र में भी इसी तरह के प्रकरण सामने आए हैं।

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