रायपुर: सोशल मीडिया पर दोना-पत्तल उद्योग का झांसा देकर लाखों की ठगी, आरोपी गिरफ्तार
Raipur Cyber Crime News: सोशल मीडिया पर दोना-पत्तल निर्माण उद्योग लगाने और अधिक मुनाफे का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को रायपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मामले में निवेश के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी की गई थी।
मशीन, कच्चा माल और तैयार माल खरीदने का दिया था भरोसा, 25 से अधिक लोगों के साथ ठगी की आशंका
रायपुर। सोशल मीडिया के माध्यम से दोना-पत्तल निर्माण उद्योग लगाने और अधिक मुनाफा कमाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक आरोपी को रायपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी लोगों को उद्योग स्थापित कराने, मशीन और कच्चा माल उपलब्ध कराने के साथ तैयार माल खरीदने का भरोसा देकर रकम वसूलता था।
मामले में थाना डीडी नगर पुलिस ने अपराध क्रमांक 404/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया है।
सोशल मीडिया विज्ञापन के जरिए बनाया शिकार
पुलिस के अनुसार, प्रार्थी ने थाना डीडी नगर में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसने सोशल मीडिया पर दोना-पत्तल निर्माण उद्योग से संबंधित एक विज्ञापन देखा था। विज्ञापन में उद्योग शुरू कराने, मशीन एवं कच्चा माल उपलब्ध कराने तथा तैयार उत्पाद की खरीद की व्यवस्था करने का दावा किया गया था।
इसी आधार पर प्रार्थी ने आरोपी से संपर्क किया। आरोपी ने स्वयं को कंपनी का संचालक बताते हुए उद्योग स्थापित कराने और अधिक मुनाफा दिलाने का भरोसा दिया। उसके झांसे में आकर प्रार्थी ने अलग-अलग किश्तों में करीब 2.95 लाख रुपये का भुगतान कर दिया।
रकम लेने के बाद करता रहा टालमटोल
पुलिस जांच में सामने आया कि रकम प्राप्त करने के बाद आरोपी लगातार मशीन और कच्चा माल उपलब्ध कराने में टालमटोल करता रहा। काफी समय बीतने के बावजूद न तो उद्योग स्थापित कराया गया और न ही तैयार माल खरीदने संबंधी कोई व्यवस्था की गई। इसके बाद पीड़ित को अपने साथ धोखाधड़ी होने का एहसास हुआ और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
तकनीकी जांच के बाद हुई गिरफ्तारी
शिकायत के बाद पुलिस उपायुक्त (पश्चिम जोन) संदीप पटेल तथा अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राहुल देव शर्मा के निर्देश पर सहायक पुलिस आयुक्त (पुरानी बस्ती) देवांश सिंह राठौर और थाना डीडी नगर पुलिस ने विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की।
तकनीकी एवं दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी से पूछताछ की गई। जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
25 से 30 अन्य लोगों से भी ठगी की आशंका
गिरफ्तार आरोपी की पहचान शैलेन्द्र कुमार रजक (39 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि आरोपी ने केवल एक व्यक्ति ही नहीं, बल्कि 25 से 30 अन्य लोगों को भी इसी तरह के झांसे में लेकर ठगी की हो सकती है। इसके अलावा अन्य राज्यों में भी इसी प्रकार की धोखाधड़ी किए जाने की संभावना की जांच की जा रही है।
पुलिस आरोपी के बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है, ताकि पूरे ठगी नेटवर्क और संभावित अन्य आरोपियों की भूमिका का पता लगाया जा सके।
पुलिस की अपील
रायपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर उद्योग, निवेश, फ्रेंचाइजी या अधिक मुनाफे का दावा करने वाले विज्ञापनों पर बिना सत्यापन के भरोसा न करें। किसी भी कंपनी या व्यक्ति को बड़ी राशि देने से पहले उसकी वैधता, पंजीकरण और विश्वसनीयता की पूरी जांच करें। किसी भी प्रकार की संदिग्ध आर्थिक या साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल पुलिस या साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।
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