महिलाओं को समय पर न्याय दिलाना मेरी सबसे बड़ी प्राथमिकता, पत्रिका से खास बातचीत में डॉ. ममता साहू ने कही यह बात

Dr. Mamta Sahu Interview: छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की नई अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने पत्रिका से खास बातचीत में कहा कि महिलाओं को समय पर न्याय दिलाना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी।

Jul 9, 2026 - 15:33
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महिलाओं को समय पर न्याय दिलाना मेरी सबसे बड़ी प्राथमिकता, पत्रिका से खास बातचीत में डॉ. ममता साहू ने कही यह बात

Patrika Exclusive Interview: प्रदेश की करीब 50 प्रतिशत आबादी महिलाओं की है और जो महिलाएं वास्तव में प्रताड़ित हैं या अपने अधिकारों से वंचित हैं, उन्हें न्याय मिलना चाहिए। यह कहना है छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. ममता साहू का। पत्रिका से खास बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि, मेरा सबसे बड़ा लक्ष्य महिलाओं को उनके अधिकार और समय पर न्याय दिलाना होगा।

डॉ. साहू इससे पहले राज्य महिला आयोग की सदस्य रह चुकी हैं। उनका कहना है कि उस कार्यकाल में उन्होंने करीब 2200 मामलों का समाधान कराया था। महिलाओं की सुरक्षा के लिए कानून पहले से मौजूद हैं, जरूरत उन्हें प्रभावी ढंग से लागू करने की है। पदभार ग्रहण करने के बाद वे सभी लंबित मामलों और व्यवस्था की समीक्षा कर आगे की कार्ययोजना तय करेंगी।

सवाल : अध्यक्ष बनने के बाद आपकी सबसे बड़ी प्राथमिकता क्या होगी?
जवाब :
सबसे पहले तो महिलाओं के अधिकारों का जो हनन होता है, उन्हें न्याय मिलना चाहिए। छत्तीसगढ़ की 50 प्रतिशत आबादी महिलाओं की है। जो महिलाएं वास्तव में प्रताड़ित हैं और अपने अधिकारों से वंचित हैं, उन्हें न्याय दिलाना मेरी प्राथमिकता होगी।

सवाल : महिलाओं पर बढ़ रहे अपराधों को लेकर आपकी क्या पहल रहेगी?
जवाब :
महिला आयोग एक एडवाइजरी बोर्ड है। हम सरकार के सामने ऐसे सुझाव रखेंगे, जिनमें महिलाओं की सुरक्षा प्रमुखता से रहे। हमारी कोशिश होगी कि ऐसी नीतियां बनें, जिससे महिला अत्याचार की घटनाओं में कमी आए।

सवाल : क्या महिलाओं से जुड़े नियमों में कुछ बदलाव करने की जरूरत महसूस होती है?
जवाब :
अभी मैंने शपथ नहीं ली है। जब पदभार संभालूंगी, तब सभी फाइलें और मामले पढ़ूंगी। उसके बाद आयोग के सभी सदस्यों के साथ चर्चा कर जो उचित लगेगा, उसी दिशा में काम करेंगे।

सवाल : क्या आपके जीवन का कोई ऐसा अनुभव रहा, जिसे आप नहीं चाहेंगी कि दूसरी महिलाओं को सहना पड़े?
जवाब :
हर लड़की के जीवन से एक कहानी जुड़ी होती है। जब इंसान आगे बढ़ता है तो कई बातें याद आती हैं। मैं नहीं चाहूंगी कि जो चीज हमने फेस की है, वह दूसरी महिला को फेस करनी पड़े।

सवाल : पहले महिला आयोग में रहते हुए आपका अनुभव कैसा रहा?
जवाब :
मैं पहले भी महिला आयोग में रह चुकी हूं। मुझे पता है कि किस तरह के मामले आते हैं। ज्यादातर शिकायतें घरेलू हिंसा की होती हैं और कई बार महिलाएं यह भी कहती हैं कि पुलिस उनकी रिपोर्ट नहीं लिख रही। पिछले कार्यकाल में मैंने करीब 2200 प्रकरणों का निपटारा नहीं, बल्कि समाधान किया है।

सवाल : उन मामलों में समाधान कैसे किया जाता था?
जवाब :
महिलाओं को जो न्याय मिलना चाहिए, जो उनका अधिकार है, वही दिलाने का प्रयास किया जाता है। हर मामले की परिस्थितियां अलग होती हैं। उसी के अनुसार जो महिला के हित में होता है, वही किया जाता है।

सवाल : क्या हाल के किसी मामले ने आपको महसूस कराया कि महिलाओं की सुरक्षा पर और काम करने की जरूरत है?
जवाब :
अभी भी महिलाओं पर अत्याचार के मामले सामने आते हैं। महिलाओं के लिए बहुत सारे कानून पहले से बने हुए हैं। जरूरत उन्हें सही तरीके से लागू करने की है। कानून तभी सार्थक होते हैं, जब उनका प्रभावी तरीके से पालन कराया जाए।

सवाल : किन कानूनों या मामलों पर आपका ज्यादा फोकस रहेगा?
जवाब :
हमारा सबसे बड़ा फोकस महिला सुरक्षा रहेगा। अलग-अलग क्षेत्रों में अलग तरह के मामले आते हैं। कहीं घरेलू हिंसा के मामले ज्यादा हैं, तो कहीं टोनही प्रताड़ना या सामाजिक अन्याय के। हर मामले को उसकी परिस्थिति के अनुसार देखा जाएगा।

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