नाना-नानी से मिली डॉक्टर बनने की प्रेरणा, मां ने छोड़ी नौकरी, री-नीट में चमके अभिनाश ने सुनाई सफलता की कहानी

Bhilai NEET Topper: री-नीट यूजी-2026 में भिलाई के अभिनाश नाथ ने 651 अंक हासिल कर ऑल इंडिया रैंक (AIR) 1364 प्राप्त की और ट्विनसिटी टॉपर बने। अभिनाश ने अपनी सफलता का श्रेय चिकित्सक नाना-नानी से मिली प्रेरणा, मां के त्याग और पिता के निरंतर सहयोग को दिया।

Jul 18, 2026 - 14:02
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नाना-नानी से मिली डॉक्टर बनने की प्रेरणा, मां ने छोड़ी नौकरी, री-नीट में चमके अभिनाश ने सुनाई सफलता की कहानी

NEET UG 2026 Result: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने गुरुवार देर रात री-नीट यूजी-2026 का परिणाम घोषित कर दिया। परीक्षा में भिलाई-दुर्ग के विद्यार्थियों ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। भिलाई के अभिनाश नाथ ने 720 में से 651 अंक हासिल कर ऑल इंडिया रैंक (एआईआर) 1364 प्राप्त की और ट्विनसिटी के टॉपर बने। उनके बाद अणर्व अग्रवाल ने 629 अंकों के साथ एआईआर 3659 हासिल की।

वहीं नवीन गुप्ता ने 589 अंक अर्जित कर मेडिकल कॉलेज की सीट लगभग सुनिश्चित कर ली है। री-नीट में भिलाई-दुर्ग के करीब 94 विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की है, जबकि 23 छात्रों ने 600 से अधिक अंक प्राप्त कर देश के प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश की मजबूत दावेदारी पेश की है।

अभिनाश ने सुनाई सफलता की कहानी

सिटी टॉपर अभिनाश नाथ ने बताया कि पहली नीट परीक्षा में उनके संभावित अंक 700 के आसपास बन रहे थे, लेकिन परीक्षा रद्द होने से वे पूरी तरह टूट गए थे। परिवार के सहयोग और आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने दोबारा तैयारी शुरू की और दोगुने समर्पण के साथ री-नीट में 651 अंक हासिल किए। अभिनाश ने बताया कि उनके नाना-नानी दोनों चिकित्सक थे। उन्हें मरीजों की सेवा करते देखकर ही डॉक्टर बनने की प्रेरणा मिली।

उनकी मां सस्मिता नाथ ने बेटे की तैयारी के लिए निजी स्कूल की नौकरी तक छोड़ दी, जबकि पिता संतोष कुमार नाथ, जो डीपीएस रिसाली में शिक्षक हैं, लगातार उनका उत्साह बढ़ाते रहे। अभिनाश भविष्य में दुर्लभ बीमारियों पर शोध करना चाहते हैं और उनकी पहली पसंद एम्स भुवनेश्वर है।

राज्य के विद्यार्थियों को प्राथमिकता का लाभ

इस वर्ष री-नीट का प्रश्नपत्र पहली परीक्षा की तुलना में अधिक कठिन रहा। पूरे देश में उच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्या कम रही। छत्तीसगढ़ के मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के दौरान राज्य के विद्यार्थियों को प्राथमिकता दिए जाने का निर्णय भी स्थानीय के लिए राहत भरा है।

बढ़ी मेडिकल सीटों से मिलेगा बड़ा फायदा

विशेषज्ञों के अनुसार इस वर्ष छत्तीसगढ़ के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीटें बढऩे से विद्यार्थियों को राहत मिलेगी। सामान्य और ओबीसी वर्ग के लगभग 488 अंक पाने वाले विद्यार्थियों को सरकारी मेडिकल कॉलेज मिलने की संभावना है। अनुसूचित जाति के लिए लगभग 400 और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 304 अंक तक प्रवेश की उम्मीद जताई जा रही है। राज्य में पांच नए मेडिकल कॉलेज शुरू होने से सरकारी मेडिकल कॉलेजों की संख्या 10 से बढक़र 15 हो जाएगी और सीटें 1680 तक पहुंच जाएंगी।

ट्विनसिटी के सफल विद्यार्थी

  • अभिनाश नाथ – 651 अंक
  • अणर्व अग्रवाल – 629 अंक
  • आर्यन अग्रवाल – 626 अंक
  • भव्यांश अग्रवाल – 597 अंक
  • नवीन गुप्ता – 589 अंक
  • छत्रपाल वर्मा – 540 अंक
  • नूरे शफत – 534 अंक
  • दीक्षल देवांगन – 527 अंक
  • सूर्यांश साहू – 510 अंक
  • मोहित गुप्ता – 505 अंक
  • महेंद्र वर्मा – 505 अंक
  • अविनाश वर्मा – 495 अंक
  • मोहम्मद अरशद – 479 अंक
  • पायल मरकाम – 448 अंक
  • मनीष बघेल – 444 अंक
  • रतन शाह – 430 अंक

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