Raipur News: असली नोट को काला करके रखते, फिर उसी को केमिकल में डालकर दिखाते थे ठग, अब रामायण की तलाश
Raipur Crime News: असली नोटों पर पहले ही काला रंग चढ़ाकर रख देते थे। जिनसे ठगी करनी होती थी, उनके सामने पहले से उन नोटों को ब्लैक पेपर बताकर रख देते थे…
Chhattisgarh Crime News: केमिकल के जरिए असली नोट बनाकर देने का झांसा देकर करोड़ों की ठगी करने वालों को पूछताछ के बाद पुलिस ने जेल भेज दिया। इस दौरान पुलिस ने आरोपियों से ठगी के तरीकों के बारे में पूछा। आरोपियों ने बताया कि वे असली नोटों पर पहले ही काला रंग चढ़ाकर रख देते थे। जिनसे ठगी करनी होती थी, उनके सामने पहले से उन नोटों को ब्लैक पेपर बताकर रख देते थे। इसके बाद उन्हें एक विशेष केमिकल के बारे में बताया जाता था। उनके सामने उस केमिकल में काले पेपर को डुबाया जाता था।
Raipur Crime News: 7 आरोपी गिरफ्तार, अब रामायण की तलाश
केमिकल में डूबते ही काला रंग निकल जाता था और असली नोट फिर दिखता था। इसे ही काले पेपर से असली नोट बनाना बताते थे। इसके बाद केमिकल, पेपर आदि अमरीका से लाने के नाम पर पीडि़तों से रकम ली जाती थी। उल्लेखनीय है कि पुलिस ने इस गिरोह के सरगना ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव उर्फ योगी, प्रवीण कुमार श्रीवास्तव उर्फ कैप्टन उर्फ शेट्टी उर्फ रेड्डी तथा मनोज कुमार श्रीवास्तव उर्फ बड़े सर सहित 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। अब इस मामले में अभिषेक उर्फ रामायण की तलाश है। बताया जाता है कि इन सबके ऊपर अभिषेक है। आरोपियों ने बालोद के कारोबारी को रायपुर बुलाकर करीब सवा करोड़ की ठगी की थी। आरोपियों ने 100 से अधिक लोगों से करोड़ों ठगे हैं।
खातों को फ्रीज कराएगी पुलिस
पुलिस आरोपियों के बैंक खातों, ठगी की राशि का इन्वेस्टमेंट आदि का पता लगाएगी। साथ ही अलग-अलग शहरों में दर्ज एफआईआर की भी जानकारी ली जा रही है। लोगों को ठगने के लिए आरोपियों ने अपना स्थायी ऑफिस नहीं बनाया था, बल्कि बड़े होटलों और रिसार्ट में अस्थायी रूप से ठहरते थे। पीडि़तों को वहीं बुलाकर लेन-देन करते थे।
नोटबंदी के दौरान भी की थी ठगी
ज्ञानप्रकाश, प्रवीण कुमार और मनोज कुमार ने नोटबंदी के दौरान भी गुजरात के एक कारोबारी से 3 करोड़ रुपए की ठगी की थी।
झूठ-फरेब से चल रहा था कारोबार
पकड़े गए आरोपी काफी शातिर है। केमिकल को विदेश से मंगाने की जानकारी देकर पीडि़त से ज्यादा रकम ऐंठते थे। कई बार पीडि़तों के सामने अपने ही किसी आदमी को केमिकल लाने में गड़बड़ी का आरोपी बताते थे। फिर उसकी पिटाई करवाते थे। मार खाने के एवज में अपने आदमी को पैसे देते थे। यह सब केवल पीडि़तों को विश्वास दिलाने के लिए किया जाता था।
सिविल लाइन एसीपी रमाकांत साहू ने बताया कि पूछताछ के बाद आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। आरोपियों के बैंक खातों, ठगी की राशि का इन्वेस्टमेंट आदि का पता लगाया जा रहा है। जिन खातों में ठगी का पैसा गया है, उन खातों को फ्रीज कराया जाएगा।
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