IGKV Paper Leak: कीटशास्त्र परीक्षा का पेपर लीक, मुख्य आरोपी प्रोफेसर समेत 6 गिरफ्तार
CG Paper Leak News: इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की कीटशास्त्र परीक्षा का पेपर लीक करने के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रोफेसर समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में पेपर लीक से जुड़े नेटवर्क और आरोपियों की भूमिका का खुलासा हुआ है।
Raipur News: इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर की बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष द्वितीय सेमेस्टर की कीटशास्त्र परीक्षा (AGCH-221) का प्रश्न पत्र लीक करने वाले गिरोह का रायपुर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी एवं मास्टरमाइंड प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया समेत कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, घटना का खुलासा महज 36 घंटे के भीतर किया गया।
यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित तुकाराम कांबले के मार्गदर्शन तथा पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (मध्य जोन) तारकेश्वर पटेल की सतत मॉनिटरिंग में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा थाना तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त टीम ने की।
परीक्षा से पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था पेपर
पुलिस के अनुसार, 20 अगस्त 2026 को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक विश्वविद्यालय के अंतर्गत सभी 28 कृषि महाविद्यालयों में बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष द्वितीय सेमेस्टर के AGCH-221 (कीटशास्त्र) विषय की परीक्षा निर्धारित थी।
परीक्षा शुरू होने से पहले ही सुबह करीब 8:41 बजे कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, कवर्धा के ई-मेल पर प्रश्न पत्र लीक होने की सूचना मिली। इसके बाद करीब 8:54 बजे संबंधित अधिकारियों के ई-मेल पर भी इसकी जानकारी पहुंची।
छात्रों और छात्र प्रतिनिधियों ने व्हाट्सऐप के माध्यम से प्रश्न पत्र के कुछ प्रश्नों के कंटेंट वायरल होने की जानकारी विश्वविद्यालय को दी। प्रारंभिक जांच में प्रश्न पत्र के सोशल मीडिया पर प्रसारित होने की पुष्टि हुई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना तेलीबांधा में अपराध क्रमांक 360/26, धारा 4, 5 एवं 10 छत्तीसगढ़ सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम, 2008 तथा धारा 316 बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया गया।
100 से अधिक पुलिसकर्मियों की टीम ने शुरू की जांच
पेपर लीक की घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने 100 से अधिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों की टीम गठित की। जांच के लिए रायपुर के अलावा कबीरधाम, दुर्ग, बिलासपुर और आसपास के जिलों में अलग-अलग पुलिस टीमें भेजी गईं।
पुलिस टीमों ने परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की। वहीं साइबर विंग ने सोशल मीडिया और इंटरनेट पर वायरल प्रश्न पत्र, स्क्रीनशॉट, फोटो, मैसेज और पोस्ट का तकनीकी विश्लेषण शुरू किया।
जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया गया कि प्रश्न पत्र सबसे पहले किस अकाउंट, मोबाइल नंबर या डिजिटल माध्यम से प्रसारित हुआ था। वायरल सामग्री की टाइमलाइन और उसके प्रसारण की पूरी श्रृंखला का भी तकनीकी विश्लेषण किया गया।
तकनीकी साक्ष्यों से मास्टरमाइंड तक पहुंची पुलिस
तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ से पुलिस को अनुज मिंज के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम दुर्ग पहुंची और उसे पकड़ा गया।
अनुज से पूछताछ के बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया और अलग-अलग टीमों को अन्य संभावित आरोपियों की तलाश में रवाना किया गया। करीब 36 घंटे की लगातार कार्रवाई के बाद पुलिस ने प्रश्न पत्र लीक होने के स्रोत की पहचान करते हुए कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
प्रोफेसर ने सुई से लिफाफे में छेद कर बनाया पेपर का वीडियो
पुलिस के अनुसार, मामले का मुख्य आरोपी योगेश सोनकेसरिया भारती एग्रीकल्चर कॉलेज, दुर्ग में वर्ष 2019 से प्रोफेसर के पद पर कार्यरत है।
जांच में सामने आया कि पिछले करीब एक वर्ष से वह अपने कॉलेज की उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने और आगामी परीक्षाओं के प्रश्न पत्र प्राप्त कर उन्हें कॉलेज तक ले जाने का कार्य कर रहा था।
17 अगस्त 2026 को योगेश सोनकेसरिया उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने के लिए जोरा स्थित कृषि महाविद्यालय, रायपुर आया था। उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने के बाद उसने आगामी परीक्षाओं के प्रश्न पत्र प्राप्त किए और उन्हें अपने कॉलेज ले गया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने सभी प्रश्न पत्रों के लिफाफे कॉलेज में रख दिए, लेकिन 20 अगस्त को होने वाली कीटशास्त्र परीक्षा के प्रश्न पत्र वाले लिफाफे को अपने घर ले गया।
इसके बाद उसने कथित तौर पर सुई और नुकीले उपकरण की मदद से लिफाफे में छोटा छेद किया और मोबाइल कैमरे को अंदर डालकर प्रश्न पत्र की वीडियो रिकॉर्डिंग कर ली।
11 हजार रुपये में छात्रों को बेचा प्रश्न पत्र
पुलिस के अनुसार, आरोपी प्रोफेसर ने प्रश्न पत्र की सामग्री की नकल तैयार कर उसे अपने कॉलेज के छात्र अजय नायक और दो अन्य छात्रों को कुल 11,000 रुपये में बेच दिया।
इसके बाद अजय नायक ने कथित तौर पर प्रश्न पत्र त्रिदेव पटेल, नितिन पाण्डेय, अनुज मिंज और आदित्य साहू को उपलब्ध कराया।
इस तरह प्रश्न पत्र कई छात्रों तक पहुंचा और परीक्षा शुरू होने से पहले ही उसका कंटेंट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
मोबाइल, वीडियो डिवाइस और अन्य सामग्री जब्त
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से प्रकरण से संबंधित:
-
11,000 रुपये नगद
-
6 मोबाइल फोन
-
वीडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस
-
केबल तार
-
मोबाइल कनेक्टर
-
सुई
-
सूजा
-
कॉपी
-
फेविकोल
सहित अन्य सामग्री जब्त की है।
पुलिस के अनुसार, मामले में दो अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश लगातार जारी है।
गिरफ्तार आरोपियों की सूची
-
योगेश सोनकेसरिया, उम्र 38 वर्ष — प्रोफेसर, भारती एग्रीकल्चर कॉलेज, दुर्ग; मूल निवासी सिवनी, मध्य प्रदेश।
-
अजय नायक, उम्र 20 वर्ष — निवासी बलौदाबाजार; वर्तमान पता दुर्ग।
-
त्रिदेव पटेल, उम्र 22 वर्ष — निवासी महासमुंद; वर्तमान पता दुर्ग।
-
नितिन पाण्डेय, उम्र 22 वर्ष — निवासी बस्तर; वर्तमान पता दुर्ग।
-
अनुज मिंज, उम्र 22 वर्ष — निवासी जशपुर; वर्तमान पता दुर्ग।
-
आदित्य साहू, उम्र 20 वर्ष — निवासी बालोद; वर्तमान पता दुर्ग।
अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच जारी
पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि पेपर लीक की साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे। फरार आरोपियों की तलाश के साथ ही गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका और उनके आपसी संपर्कों की भी विस्तृत जांच की जा रही है।
रायपुर पुलिस के अनुसार, इस मामले में तेजी से की गई तकनीकी जांच, डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण और मैदानी कार्रवाई के जरिए पेपर लीक के स्रोत तक पहुंचने में सफलता मिली और 36 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
What's Your Reaction?





