Balrampur Car Accident: कार हादसे में बाक्साइट श्रमिक संघ के महामंत्री की मौत, बेटा बोला- कुछ देर पहले ही मुझे परोसा था खाना
Balrampur Road Accident: तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सडक़ किनारे गड्ढे में कई बार पलटी, कार से बाहर गिर जाने से सिर में आईं गंभीर चोटें, हो गई मौत
कुसमी। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के ग्राम राजेंद्रपुर निवासी विवेक यादव के लिए शनिवार का दिन कभी नहीं भूलने वाला बन गया। दोपहर को पिता लक्ष्मण यादव ने उसे खाना परोसा और दोनों ने साथ भोजन किया। कुछ ही घंटों बाद सडक़ हादसे में पिता लक्ष्मण यादव की मौत हो गई। उनकी कार (Car accident) अनियंत्रित होकर सडक़ किनारे गड्ढे में जा गिरी। घटना को याद करते हुए विवेक भावुक हो उठा। उसने कहा कि शायद पिता के हाथों से उनके लिए यह आखिरी बार भोजन परोसा जाना था। बता दें कि लक्ष्मण यादव बाक्साइट श्रमिक संघ के महामंत्री थे।
ग्राम राजेंद्रपुर निवासी लक्ष्मण यादव (50) हिंडालको की बॉक्साइट खदान में सुपरवाइजर के रूप में कार्यरत थे। वे कुसमी नगर पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष बालेश्वर राम के घर के समीप मकान बनाकर परिवार के साथ रहते थे। सामरीपाठ क्षेत्र के सबाग रोड स्थित राजेंद्रपुर में भी उनका आना-जाना और परिवार का रहना था।
शनिवार को लक्ष्मण यादव (Bauxite Worker’s Union General Secretary) कार क्रमांक सीजी 04 ओसी 8071 से अवधेश यादव के साथ सामरी की ओर गए थे। लौटते समय सबाग रोड पर पुरानपानी के समीप पकरीटोली मिशन स्कूल के पीछे मोड़ पर कार अनियंत्रित होकर सडक़ किनारे गड्ढे में जा गिरी। हादसे (में कार के चारों पहिए ऊपर हो गए और लक्ष्मण यादव वाहन से बाहर जा गिरे।

उन्हें सिर में गंभीर चोटें आईं। वहीं कार चालक अवधेश यादव भी घायल हो गए। घायल लक्ष्मण यादव को पहले पुरानपानी मिशन अस्पताल ले जाया गया। इसके बाद उन्हें सामरी से कुसमी अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
Car accident news: हिंडालको से पहुंचे अधिकारी-कर्मचारी
हादसे की सूचना पर हिंडालको (Hildalco Mines) के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौके पर पहुंचे। लक्ष्मण यादव बॉक्साइट श्रमिक संघ सामरी के महामंत्री भी थे। खदान में सुपरवाइजर के रूप में कार्य करने के साथ वे श्रमिकों से जुड़े मुद्दों को लेकर सक्रिय रहते थे।
उनके आकस्मिक निधन की खबर से श्रमिक संगठन, सहकर्मियों और क्षेत्रवासियों में शोक की लहर है। वहीं पुलिस ने हादसे के संबंध में आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और कार की गति सहित अन्य पहलुओं की जानकारी जांच के बाद स्पष्ट होगी।
बेटा बोला- पिता हमेशा धीमी गति से चलने कहते थे
विवेक यादव ने बताया कि उनके पिता हमेशा वाहन सावधानी और धीमी गति से चलाने की सलाह देते थे। वे स्वयं भी वाहन चलाते समय सीट बेल्ट लगाने की बात कहते थे और सावधानी बरतते थे। हादसे (Car accident) के दिन क्या परिस्थितियां बनीं और वाहन कैसे अनियंत्रित हुआ, यह जांच का विषय है।
विवेक ने भावुक होकर बताया कि हादसे से पहले उन्होंने अपने पिता के साथ भोजन किया था। पिता ने स्वयं उनके लिए खाना निकाला था। उन्होंने कहा कि उस समय यह कल्पना भी नहीं थी कि पिता के हाथों से मिला यह भोजन उनके साथ आखिरी भोजन बन जाएगा।
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