सालों की मेहनत, सीमित आमदनी और जिंदा पत्थर, सरगुजा के कारीगरों की संघर्ष भरी कहानी

Sargujiha Craft: छत्तीसगढ़ के सरगुजा अंबिकापुर में मध्य प्रदेश के सतना से आए कारीगर पारंपरिक शील, लोढ़ा और जाता बनाकर अपनी आजीविका चला रहे हैं. झोपड़ी नुमा त्रिपाल में रहने वाले ये परिवार मौसम की मार झेलते हुए मेहनत करते हैं. इनकी कलाकृति, खासतौर पर “जिंदा पत्थर” से बने शिल्प, मजबूत होने के साथ सरगुजा की संस्कृति और परंपरा की पहचान हैं. कठिन परिस्थितियों के बावजूद इन कारीगरों का हौसला कम नहीं हुआ है.

Jan 9, 2026 - 00:06
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सालों की मेहनत, सीमित आमदनी और जिंदा पत्थर, सरगुजा के कारीगरों की संघर्ष भरी कहानी
Sargujiha Craft: छत्तीसगढ़ के सरगुजा अंबिकापुर में मध्य प्रदेश के सतना से आए कारीगर पारंपरिक शील, लोढ़ा और जाता बनाकर अपनी आजीविका चला रहे हैं. झोपड़ी नुमा त्रिपाल में रहने वाले ये परिवार मौसम की मार झेलते हुए मेहनत करते हैं. इनकी कलाकृति, खासतौर पर “जिंदा पत्थर” से बने शिल्प, मजबूत होने के साथ सरगुजा की संस्कृति और परंपरा की पहचान हैं. कठिन परिस्थितियों के बावजूद इन कारीगरों का हौसला कम नहीं हुआ है.

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