बलौदाबाजार हिंसा मामले में अमित बघेल के घर-दफ्तर की जांच:रिमांड पर ले जाते वक्त बेटी ने कहा ‘लव यू पापा’, घर से मोबाइल-गाड़ी-दस्तावेज जब्त

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार हिंसा केस में 'जोहार छत्तीसगढ़' पार्टी प्रमुख अमित बघेल को पुलिस 2 दिनों की रिमांड पर लेकर उनके रायपुर स्थित निवास पहुंची। सबूत जुटाने की इस कानूनी प्रक्रिया के दौरान बघेल की 14 साल बेटी आयुषी ने अपने पिता को 'लव यू पापा' कहकर विदा किया, जिससे वहां मौजूद लोग भावुक हो गए। बुधवार (14 जनवरी) देर रात पुलिस का वाहन बघेल के कंचनगंगा फेज-2 स्थित निवास के सामने रुका। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें गाड़ी से उतारकर आवास में प्रवेश किया, जहां सबूत जुटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। इस दौरान घर के अंदर उनके परिवार के सदस्य मौजूद थे। इसी बीच, बघेल की 14 साल की बेटी आयुषी सामने आई। उसने पिता की तरफ देखकर भावुक होते हुए कहा, “लव यू पापा, अपना ख्याल रखना।” यह सुनकर अमित बघेल के चेहरे पर हल्की मुस्कान आ गई और उन्होंने जवाब दिया, “लव यू बेटा, तुम चिंता मत करो।” उस पल माहौल थोड़ी देर के लिए भावुक हो गया। इधर, पुलिस अपनी कार्रवाई में जुटी रही। बघेल के घर से उनका मोबाइल फोन, एक चारपहिया गाड़ी और जरूरी कागजात जब्त किए गए। इसके बाद पुलिस बघेल को मैग्नेटो मॉल स्थित उनके ऑफिस ले गई, जहां से हिंसा मामले से संबंधित अन्य कागजात बरामद किए गए। पूरी कार्रवाई के दौरान अमित बघेल शांत रहे और पुलिस का पूरा सहयोग करते नजर आए। सबूत जुटाने के बाद पुलिस उन्हें वापस बलौदाबाजार ले आई, जहां फिलहाल उन्हें आजाक थाना पुलिस लाइन के कंट्रोल रूम में रखा गया है। बलौदाबाजार हिंसा...क्रांति सेना अध्यक्ष अमित बघेल अरेस्ट बता दें कि 14 जनवरी को बलौदाबाजार हिंसा केस में पुलिस ने तोड़फोड़ और आगजनी मामले में छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के अध्यक्ष अमित बघेल को गिरफ्तार किया है। बलौदाबाजार पुलिस अमित बघेल को रायपुर जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लेकर बलौदाबाजार लेकर पहुंची। कोर्ट ने 2 दिन की न्यायिक रिमांड पर भेजा है। इसके पहले बलौदाबाजार पुलिस ने 11 जनवरी को क्रांति सेना के प्रदेश अध्यक्ष अजय यादव और पार्टी के सह-सचिव दिनेश वर्मा को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। आरोप है कि 10 जून 2024 को हुई हिंसा-आगजनी में अमित बघेल, अजय यादव और दिनेश वर्मा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वहीं अपनी गिरफ्तारी पर अमित बघेल ने भाजपा और कांग्रेस की साजिश बताया। उन्होंने कहा कि सरकार छत्तीसगढ़ियों को कुचलना चाहती है। वह एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं। उन्होंने आंदोलन का समर्थन किया था, लेकिन घटना के दिन बलौदाबाजार में आगजनी का समर्थन नहीं किया। पहले जानिए जैतखाम विवाद क्या है ? दरअसल, 15 मई 2024 की देर रात सतनामी समुदाय के धार्मिक स्थल गिरौदपुरी धाम से करीब 5 किमी मानाकोनी बस्ती स्थित बाघिन गुफा में लगे धार्मिक चिन्ह जैतखाम को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। जैतखाम तोड़े जाने के विरोध में समाज के हजारों लोग कलेक्ट्रेट के पास मौजूद दशहरा मैदान में कई दिन से प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस ने इस मामले में 3 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। लोगों का आरोप था कि पकड़े गए लोग असली आरोपी नहीं हैं। पुलिस दोषियों को बचा रही है। कई दिनों से प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जा रहा था। 9 जून 2024 को डिप्टी CM और गृहमंत्री विजय शर्मा ने न्यायिक जांच कराने के निर्देश दिए। अब जानिए हिंसा वाले दिन 10 जून को क्या हुआ ? सतनामी समाज की ओर से 10 जून को शांतिपूर्ण प्रदर्शन बुलाया गया। प्रशासन की अनुमति से कलेक्ट्रेट के पास दशहरा मैदान में प्रदर्शन कर रहा था। अचानक से लोग उग्र हो गए और बवाल बढ़ता चला गया। हिंसा के दौरान कलेक्टर-एसपी दफ्तर में आगजनी की गई। कई गाड़ियां जला दी गई। उपद्रवियों ने 75 बाइक, 20 कार और 2 दमकल वाहन को आग के हवाले कर दिया। लोगों ने कलेक्ट्रेट में खड़ी गाड़ियों में तोड़फोड़ की। इसके बाद कुछ लोगों ने कलेक्ट्रेट में आगजनी की। इससे कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जलकर खाक हो गए। कलेक्टर कार्यालय के सामने स्थित ध्वजारोहण के पोल पर सफेद रंग का ध्वज लगा दिया था। प्रदर्शन में शामिल हुए थे विधायक देवेंद्र यादव प्रदर्शन में एक वीडियो सामने आया था, जिसमें देवेंद्र यादव भी शामिल दिखे। इस मामले में उन्हें नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया गया। एक बार वे पूछताछ के लिए बलौदाबाजार भी पहुंचे। इसके बाद 17 अगस्त 2024 को उनकी गिरफ्तारी हुई थी। हालांकि 7 महीने बाद वह जमानत पर जेल से बाहर आए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई। इसमें पुलिसकर्मियों सहित कुछ लोग भी घायल हुए हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद डिप्टी CM विजय शर्मा सोमवार देर रात घटनास्थल पहुंचकर मौके का जायजा लिया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उपद्रवियों की गिरफ्तारी के आदेश जारी कर दिए। आगजनी में 2.82 करोड़ का नुकसान चालान रिपोर्ट के अनुसार अग्निकांड में 2.82 करोड़ रुपए की संपत्ति का नुकसान हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने सरकारी वाहन, निजी वाहन, फायर ब्रिगेड की गाड़ियां में तोड़फोड़ की और आग लगा दी। इसी तरह से एसपी और कलेक्ट्रेट ऑफिस को प्रदर्शनकारियों ने जला दिया। प्रदर्शन के दौरान आंदोलकारियों ने पुलिसकर्मियों और शासकीय कर्मचारियों से मारपीट करके उन्हें घायल भी किया था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रदर्शनकारी घटनाक्रम को अंजाम देने के लिए पेट्रोल बम लेकर पहुंचे थे। ............................................. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़ें... बलौदाबाजार हिंसा...क्रांति सेना प्रदेश अध्यक्ष अजय यादव गिरफ्तार: आगजनी मामले में दिनेश वर्मा भी पकड़ाया, अब तक 200 की हो चुकी है गिरफ्तारी बलौदाबाजार में 10 जून 2024 को हुई हिंसा और आगजनी के मामले में पुलिस ने शनिवार को दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें क्रांति सेना के छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष अजय यादव और संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित बघेल के सहयोगी दिनेश वर्मा शामिल हैं। पढ़ें पूरी खबर...

Jan 16, 2026 - 08:50
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बलौदाबाजार हिंसा मामले में अमित बघेल के घर-दफ्तर की जांच:रिमांड पर ले जाते वक्त बेटी ने कहा ‘लव यू पापा’, घर से मोबाइल-गाड़ी-दस्तावेज जब्त
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार हिंसा केस में 'जोहार छत्तीसगढ़' पार्टी प्रमुख अमित बघेल को पुलिस 2 दिनों की रिमांड पर लेकर उनके रायपुर स्थित निवास पहुंची। सबूत जुटाने की इस कानूनी प्रक्रिया के दौरान बघेल की 14 साल बेटी आयुषी ने अपने पिता को 'लव यू पापा' कहकर विदा किया, जिससे वहां मौजूद लोग भावुक हो गए। बुधवार (14 जनवरी) देर रात पुलिस का वाहन बघेल के कंचनगंगा फेज-2 स्थित निवास के सामने रुका। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें गाड़ी से उतारकर आवास में प्रवेश किया, जहां सबूत जुटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। इस दौरान घर के अंदर उनके परिवार के सदस्य मौजूद थे। इसी बीच, बघेल की 14 साल की बेटी आयुषी सामने आई। उसने पिता की तरफ देखकर भावुक होते हुए कहा, “लव यू पापा, अपना ख्याल रखना।” यह सुनकर अमित बघेल के चेहरे पर हल्की मुस्कान आ गई और उन्होंने जवाब दिया, “लव यू बेटा, तुम चिंता मत करो।” उस पल माहौल थोड़ी देर के लिए भावुक हो गया। इधर, पुलिस अपनी कार्रवाई में जुटी रही। बघेल के घर से उनका मोबाइल फोन, एक चारपहिया गाड़ी और जरूरी कागजात जब्त किए गए। इसके बाद पुलिस बघेल को मैग्नेटो मॉल स्थित उनके ऑफिस ले गई, जहां से हिंसा मामले से संबंधित अन्य कागजात बरामद किए गए। पूरी कार्रवाई के दौरान अमित बघेल शांत रहे और पुलिस का पूरा सहयोग करते नजर आए। सबूत जुटाने के बाद पुलिस उन्हें वापस बलौदाबाजार ले आई, जहां फिलहाल उन्हें आजाक थाना पुलिस लाइन के कंट्रोल रूम में रखा गया है। बलौदाबाजार हिंसा...क्रांति सेना अध्यक्ष अमित बघेल अरेस्ट बता दें कि 14 जनवरी को बलौदाबाजार हिंसा केस में पुलिस ने तोड़फोड़ और आगजनी मामले में छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के अध्यक्ष अमित बघेल को गिरफ्तार किया है। बलौदाबाजार पुलिस अमित बघेल को रायपुर जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लेकर बलौदाबाजार लेकर पहुंची। कोर्ट ने 2 दिन की न्यायिक रिमांड पर भेजा है। इसके पहले बलौदाबाजार पुलिस ने 11 जनवरी को क्रांति सेना के प्रदेश अध्यक्ष अजय यादव और पार्टी के सह-सचिव दिनेश वर्मा को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। आरोप है कि 10 जून 2024 को हुई हिंसा-आगजनी में अमित बघेल, अजय यादव और दिनेश वर्मा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वहीं अपनी गिरफ्तारी पर अमित बघेल ने भाजपा और कांग्रेस की साजिश बताया। उन्होंने कहा कि सरकार छत्तीसगढ़ियों को कुचलना चाहती है। वह एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं। उन्होंने आंदोलन का समर्थन किया था, लेकिन घटना के दिन बलौदाबाजार में आगजनी का समर्थन नहीं किया। पहले जानिए जैतखाम विवाद क्या है ? दरअसल, 15 मई 2024 की देर रात सतनामी समुदाय के धार्मिक स्थल गिरौदपुरी धाम से करीब 5 किमी मानाकोनी बस्ती स्थित बाघिन गुफा में लगे धार्मिक चिन्ह जैतखाम को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। जैतखाम तोड़े जाने के विरोध में समाज के हजारों लोग कलेक्ट्रेट के पास मौजूद दशहरा मैदान में कई दिन से प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस ने इस मामले में 3 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। लोगों का आरोप था कि पकड़े गए लोग असली आरोपी नहीं हैं। पुलिस दोषियों को बचा रही है। कई दिनों से प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जा रहा था। 9 जून 2024 को डिप्टी CM और गृहमंत्री विजय शर्मा ने न्यायिक जांच कराने के निर्देश दिए। अब जानिए हिंसा वाले दिन 10 जून को क्या हुआ ? सतनामी समाज की ओर से 10 जून को शांतिपूर्ण प्रदर्शन बुलाया गया। प्रशासन की अनुमति से कलेक्ट्रेट के पास दशहरा मैदान में प्रदर्शन कर रहा था। अचानक से लोग उग्र हो गए और बवाल बढ़ता चला गया। हिंसा के दौरान कलेक्टर-एसपी दफ्तर में आगजनी की गई। कई गाड़ियां जला दी गई। उपद्रवियों ने 75 बाइक, 20 कार और 2 दमकल वाहन को आग के हवाले कर दिया। लोगों ने कलेक्ट्रेट में खड़ी गाड़ियों में तोड़फोड़ की। इसके बाद कुछ लोगों ने कलेक्ट्रेट में आगजनी की। इससे कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जलकर खाक हो गए। कलेक्टर कार्यालय के सामने स्थित ध्वजारोहण के पोल पर सफेद रंग का ध्वज लगा दिया था। प्रदर्शन में शामिल हुए थे विधायक देवेंद्र यादव प्रदर्शन में एक वीडियो सामने आया था, जिसमें देवेंद्र यादव भी शामिल दिखे। इस मामले में उन्हें नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया गया। एक बार वे पूछताछ के लिए बलौदाबाजार भी पहुंचे। इसके बाद 17 अगस्त 2024 को उनकी गिरफ्तारी हुई थी। हालांकि 7 महीने बाद वह जमानत पर जेल से बाहर आए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई। इसमें पुलिसकर्मियों सहित कुछ लोग भी घायल हुए हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद डिप्टी CM विजय शर्मा सोमवार देर रात घटनास्थल पहुंचकर मौके का जायजा लिया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उपद्रवियों की गिरफ्तारी के आदेश जारी कर दिए। आगजनी में 2.82 करोड़ का नुकसान चालान रिपोर्ट के अनुसार अग्निकांड में 2.82 करोड़ रुपए की संपत्ति का नुकसान हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने सरकारी वाहन, निजी वाहन, फायर ब्रिगेड की गाड़ियां में तोड़फोड़ की और आग लगा दी। इसी तरह से एसपी और कलेक्ट्रेट ऑफिस को प्रदर्शनकारियों ने जला दिया। प्रदर्शन के दौरान आंदोलकारियों ने पुलिसकर्मियों और शासकीय कर्मचारियों से मारपीट करके उन्हें घायल भी किया था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रदर्शनकारी घटनाक्रम को अंजाम देने के लिए पेट्रोल बम लेकर पहुंचे थे। ............................................. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़ें... बलौदाबाजार हिंसा...क्रांति सेना प्रदेश अध्यक्ष अजय यादव गिरफ्तार: आगजनी मामले में दिनेश वर्मा भी पकड़ाया, अब तक 200 की हो चुकी है गिरफ्तारी बलौदाबाजार में 10 जून 2024 को हुई हिंसा और आगजनी के मामले में पुलिस ने शनिवार को दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें क्रांति सेना के छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष अजय यादव और संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित बघेल के सहयोगी दिनेश वर्मा शामिल हैं। पढ़ें पूरी खबर...

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