Raipur फर्जी केंद्रीय अधिकारी बनकर नौकरी, ट्रांसफर और पोस्टिंग दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी, आरोपी गिरफ्तार
CG Crime News: भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों का फर्जी केंद्रीय अधिकारी बनकर सरकारी नौकरी, ट्रांसफर और पोस्टिंग दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से फर्जी आईडी कार्ड, दस्तावेज, लैपटॉप, मोबाइल और अन्य सामान बरामद किए गए हैं।
रायपुर। खुद को भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों का अधिकारी बताकर सरकारी नौकरी, ट्रांसफर और पोस्टिंग कराने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को रायपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी पहचान-पत्र, एडिटेड फोटो और ऊंची पहुंच का झूठा दावा कर लोगों का विश्वास जीतता था। पुलिस ने उसके कब्जे से फर्जी दस्तावेज, आईडी कार्ड, लैपटॉप, मोबाइल फोन, सिम कार्ड, नकदी और घटना में प्रयुक्त कार जब्त की है।
यह कार्रवाई एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, थाना सिविल लाइन और थाना तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त टीम ने की है। आरोपी के खिलाफ थाना सिविल लाइन में अपराध क्रमांक 376/2026 के तहत धारा 318(2), 319(2), 336(3) एवं 340 बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज कर विस्तृत पूछताछ की जा रही है।
ट्रेन में हुई मुलाकात, फिर शुरू हुआ ठगी का खेल
पुलिस के अनुसार, प्रार्थी गुरु नारायण ने थाना सिविल लाइन में शिकायत दर्ज कराई कि लगभग दो वर्ष पहले ट्रेन यात्रा के दौरान उसकी मुलाकात रजनीश कुमार राय से हुई थी। आरोपी ने स्वयं को भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में सहायक आयुक्त बताते हुए अपना परिचय दिया और प्रभावशाली अधिकारियों से करीबी संबंध होने का दावा किया।
आरोपी ने सरकारी विभागों में ट्रांसफर, पोस्टिंग और नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाते हुए प्रार्थी से 5 लाख रुपये में मनचाही पदस्थापना कराने का प्रस्ताव रखा। बाद में जब आरोपी ने विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के अलग-अलग फर्जी पहचान-पत्र दिखाए, तब प्रार्थी को संदेह हुआ और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर गठित हुई विशेष टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर/मध्य जोन) स्मृतिक राजनाला के निर्देश पर एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, थाना सिविल लाइन और थाना तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई।
तकनीकी साक्ष्यों और अन्य जानकारियों के आधार पर पुलिस ने आरोपी रजनीश कुमार राय उर्फ छोटू राय को गिरफ्तार कर लिया।
एडिटेड फोटो दिखाकर जीतता था लोगों का भरोसा
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह खुद को भारत सरकार का सहायक आयुक्त बताकर फर्जी पहचान-पत्रों का इस्तेमाल करता था। लोगों को प्रभावित करने के लिए वह अपने एडिटेड फोटो दिखाता था और ऊंचे अधिकारियों से संपर्क होने का दावा करता था।
इसके बाद सरकारी नौकरी, ट्रांसफर, पोस्टिंग और अन्य शासकीय कार्य कराने का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करता था।
छत्तीसगढ़ और बिहार के कई लोग बने शिकार
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने छत्तीसगढ़ और बिहार के कई लोगों को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये ऐंठे। ठगी से प्राप्त रकम से उसने महंगे मोबाइल, लैपटॉप और अन्य सामान खरीदे। पुलिस के अनुसार आरोपी को महंगी शॉपिंग का भी शौक था।
फर्जी आईडी, दस्तावेज और कार समेत कई सामान जब्त
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने उसके कब्जे से निम्न सामग्री जब्त की है—
- फर्जी सरकारी पहचान-पत्र
- विभिन्न दस्तावेज
- लैपटॉप
- मोबाइल फोन
- तीन सिम कार्ड एवं फर्जी सिम
- क्रेडिट कार्ड संबंधी दस्तावेज
- नगद राशि
- घटना में प्रयुक्त कार, जिस पर "भारत सरकार" अंकित था
इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच जारी
पुलिस ने आरोपी का रिमांड लेकर जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की फोरेंसिक एवं तकनीकी जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान इस गिरोह और अन्य संभावित पीड़ितों से जुड़े महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।
गिरफ्तार आरोपी
रजनीश कुमार राय उर्फ छोटू राय (29 वर्ष)
पिता – राम निवास राय
स्थायी निवासी – राजपुर नौरंग रायकेडेरा, थाना सिमरी, जिला बक्सर (बिहार)
वर्तमान पता – मारुति सेवन वंडर सिटी, मकान नंबर 285/286, अमलेश्वर, जिला दुर्ग (छत्तीसगढ़)
What's Your Reaction?





