रायपुर कमिश्नरेट पुलिस ने अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए ओडिशा के एक बस चालक को गिरफ्तार किया है। आरोपी संजय नाग पर नशीली गोलियां उपलब्ध कराने का आरोप है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और खम्हारडीह थाना पुलिस ने बैकवर्ड लिंक की जांच के दौरान यह कार्रवाई की। मामले में अब तक तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। अब पढ़े क्या है पूरा मामला पुलिस के अनुसार, 20 जुलाई को चंडी नगर स्थित गदवयाही मंदिर के पास कार्रवाई करते हुए सुनील बघेल और सचिन महानंद को गिरफ्तार किया गया था। दोनों के कब्जे से 459 नाइट्रोसन-10 टैबलेट और बिक्री की 200 रुपए नकदी जब्त की गई थी। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 1.83 लाख रुपए बताई गई है। दोनों के खिलाफ खम्हारडीह थाने में नारकोटिक एक्ट की धारा 21(बी) और 22 के तहत मामला दर्ज किया गया था। बस संचालक कमीशन लेकर देता था सामान पूछताछ में दोनों आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्हें ये प्रतिबंधित गोलियां ओडिशा के संबलपुर निवासी बस चालक संजय नाग कमीशन लेकर उपलब्ध कराता था। इसके बाद पुलिस टीम ने संबलपुर पहुंचकर आरोपी की तलाश की और उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की पूछताछ में संजय नाग ने प्रतिबंधित नशीली गोलियां सप्लाई करने की बात स्वीकार कर ली। इसके बाद उसे रायपुर लाकर न्यायालय में पेश किया गया और उसके खिलाफ भी नारकोटिक एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। आने वाले दिनों में होगी और गिरफ्तारी यह पूरी कार्रवाई पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (उत्तर) दीपमाला कश्यप की निगरानी में की गई। पुलिस का कहना है कि अब इस अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य सप्लायर, रिसीवर और सहयोगियों की पहचान कर एंड-टू-एंड जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।