गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर विजय दयाराम के. की अध्यक्षता में जिला चिकित्सालय में जीवन दीप समिति की कार्यकारिणी समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक से पहले कलेक्टर ने अस्पताल का निरीक्षण कर विभिन्न वार्डों में मरीजों को मिल रही सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों और चिकित्सकों को गुणवत्तापूर्ण, संवेदनशील और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ओपीडी से आईसीयू तक व्यवस्थाओं का लिया जायजा कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान ओपीडी, स्त्री रोग वार्ड, शल्य चिकित्सा कक्ष, प्रसव कक्ष, पीआईसीयू, आईसीयू और एसएनसीयू सहित विभिन्न वार्डों का अवलोकन किया। उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने पर जोर देते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। हर तीन माह में होगी जीवन दीप समिति की बैठक बैठक में पिछली बैठक के पालन प्रतिवेदन की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जीवन दीप समिति की कार्यकारिणी समिति की बैठक प्रत्येक तीन माह में नियमित रूप से आयोजित की जाए तथा प्रशासकीय समिति का गठन शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि विकास कार्यों की नियमित समीक्षा हो सके। जिले में ही मिले बेहतर इलाज, रेफरल कम करने पर जोर कलेक्टर ने कहा कि जिला बनने का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हों। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अनावश्यक रेफरल की स्थिति समाप्त करने के लिए अस्पताल में सभी जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएं, ताकि मरीजों को उपचार के लिए बाहर न जाना पड़े। नए जिला अस्पताल भवन का काम जल्द शुरू होगा कलेक्टर ने नए जिला अस्पताल भवन का निर्माण कार्य तत्काल शुरू कर निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। इसके अलावा नेत्र एवं दंत चिकित्सा सेवाओं के लिए आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता, अस्पताल परिसर में शुद्ध पेयजल, निर्बाध बिजली आपूर्ति और नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। इन महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर हुई चर्चा बैठक में अस्पताल की सुविधाओं के विस्तार से जुड़े कई प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया। इनमें ब्लड कम्पोनेंट सेपरेशन यूनिट की स्थापना, लॉन्ड्री मशीन के लिए शेड निर्माण, फायर सेफ्टी अलार्म सिस्टम की मरम्मत, डीटीसी भवन के नेत्र विभाग में अतिरिक्त वार्ड एवं ऑपरेशन थिएटर का निर्माण शामिल है। इसके अलावा जिला चिकित्सालय के बाथरूम, शौचालय और ड्रेनेज की मरम्मत, शव गृह के लिए कक्ष निर्माण, एसएनसीयू में फायर एग्जिट रैंप निर्माण तथा एक्स-रे मशीन को प्रथम तल से भूतल में स्थानांतरित कर पुनः स्थापित करने जैसे प्रस्तावों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।