छत्तीसगढ़: पूवर्ती में कभी हुआ करता था सन्नाटा, दो दशक बाद हो रही सौदेबाजी, लगा साप्ताहिक बाजार, पढ़ें
छत्तीसगढ़ के सुकमा ज़िले के सबसे संवेदनशील और दशकों से नक्सलियों के खौफ़ में घिरे ‘सपनों’ गांव में बीस साल बाद पहली बार साप्ताहिक बाजार लगा। यही वो गांव है, जहां कभी हिड़मा जैसे खूंखार नक्सली की धौंस चलती थी।
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