रायपुर में मल्टीविटामिन का ओवरडोज बना नई बीमारियों की जड़, गले पड़ रही स्वास्थ्य की नई मुश्किलें…

CG News: मल्टीविटामिन व मिनरल का ओवरडोज कई लोगों को बीमार कर रहा है। लोग सोशल मीडिया या वेबसाइट में सर्च कर अपनी मर्जी से कोई भी मल्टी विटामिन ले रहे हैं।

Nov 8, 2025 - 08:34
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रायपुर में मल्टीविटामिन का ओवरडोज बना नई बीमारियों की जड़, गले पड़ रही स्वास्थ्य की नई मुश्किलें…

CG News: मल्टीविटामिन व मिनरल का ओवरडोज कई लोगों को बीमार कर रहा है। लोग सोशल मीडिया या वेबसाइट में सर्च कर अपनी मर्जी से कोई भी मल्टी विटामिन ले रहे हैं। इससे उनकी सेहत बिगड़ने की समस्या होने लगी है। डॉक्टरों के अनुसार पौष्टिक भोजन करने से विटामिन व मिनरल की पूर्ति शरीर में हो जाती है। कम मौकों पर मल्टीविटामिन खाने की जरूरत पड़ती है। लेकिन लोग धड़ल्ले से इसे खा रहे हैं और बीमार पड़ रहे हैं।

CG News: पेट दर्द के साथ दस्त की समस्या आम बनी

एम्स, आंबेडकर अस्पताल तथा निजी अस्पतालों में मल्टीविटामिन के ओवरडोज से बीमार होकर कई मरीज आने लगे हैं। डॉक्टरों के अनुसार विटामिन ए की अधिकता से सिरदर्द, उल्टी, चक्कर आना व त्वचा संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। विटामिन डी की अधिकता से ब्लड में कैल्शियम का लेवल बढ़ सकता है। यही नहीं किडनी व हड्डी संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। विटामिन ई की अधिकता से रक्तस्राव हो सकता है।

मिनरल की अधिकता से बीमारियां-

  • आयरन की अधिकता से शरीर में आयरन ओवरलोड हो सकता है। इससे अंगों की क्षति हो सकती है।
  • कैल्शियम की अधिकता से किडनी की पथरी व हड्डियों में समस्याएं हो सकती हैं।
  • कॉपर की अधिकता से लिवर की समस्याएं व न्यूरोलॉजिकल समस्याएं हो सकती हैं।

मामलों से समझें गंभीरता

-35 वर्षीय व्यक्ति को आंख में कम दिखाई देने लगी। वह अपनी मर्जी से विटामिन ए का डोज लेने लगा। डोज इतना बढ़ा कि सिरदर्द, उल्टी व चक्कर की समस्या आने लगी। डॉक्टर को दिखाया तो पता चला कि यह विटामिन सप्लीमेंट्री के ओवरडोज का दुष्प्रभाव है।

-42 वर्षीय व्यक्ति को जोड़ों में दर्द के कारण डॉक्टर ने विटामिन डी कैप्सूल खाने को कहा। डॉक्टर ने सप्ताह में लेने कहा था लेकिन वह दो से तीन माह नियमित लेने लगा। बाद में इन्हें किडनी में समस्या आने लगी। डॉक्टरों ने विटामिन डी तत्काल बंद करने कहा।

20 करोड़ का बाजार, कमीशन का चक्कर

छत्तीसगढ़ में मल्टीविटामिन व मिनरल दवाओं का बाजार 20 करोड़ से ऊपर है। डॉक्टराें व दवा कारोबारियों के अनुसार सप्लीमेंट लेने का ट्रेंड कुछ सालों में बढ़ा है। लोग मर्जी से खा ही रहे हैं, वहीं कई डॉक्टर कमीशन के चक्कर में हर बीमारी में ये दवाएं लिख रहे हैं। इनमें विशेषज्ञ से लेकर झोलाछाप भी शामिल हैं। यही नहीं जेनेरिक व ब्रांडेड में इन दवाओं की कीमत में काफी अंतर है।

एक्सपर्ट की राय-

प्रोफेसर मेडिसिन नेहरू मेडिकल कॉलेज रायपुर -डॉ. योगेंद्र मल्होत्रा ने कहा की किसी भी सूरत में केमिस्ट से खरीदकर मल्टीविटामिन या मिनरल वाले टैबलेट न लें। यह स्वास्थ्य के लिए घातक है। डॉक्टर को लगेगा तो वे इसे जरूर प्रिस्क्राइब्ड करेंगे।

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