बलरामपुर में शुक्रवार को एसपी दफ्तर के सभागार में अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिसका उद्देश्य जिले में लंबित आपराधिक मामले, मर्ग, चालान और शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करना था। मीटिंग में जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी, थाना-चौकी प्रभारी और एसपी कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। प्रभारी पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार खिलारी ने थाना-चौकी वार लंबित अपराधों, मर्ग, चालानों और शिकायतों की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने प्रत्येक थाना प्रभारी से वर्षभर से लंबित मामलों की जानकारी ली। अत्यधिक दिनों से लंबित मामले पर जांच अधिकारियों को फटकार लगाते हुए उन्हें निर्धारित समय-सीमा के भीतर निराकरण के स्पष्ट निर्देश दिए गए। वर्षांत से पहले लंबित मामलों के निपटारे के निर्देश प्रभारी पुलिस अधीक्षक ने कहा कि साल 2025 समाप्ति की ओर है। ऐसे में सभी प्रभारियों को वर्षांत से पूर्व अधिक से अधिक मामलों को निपटाने का लक्ष्य पूरा करना होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गिरफ्तार आरोपियों को समय पर न्यायालय में पेश किया जाए। हवालात सुरक्षा पुख्ता रखने पर जोर अगर किसी कारणवश उन्हें हवालात में रखना पड़े, तो सुरक्षा और निगरानी में कोई लापरवाही न हो। महिला-बच्चों से संबंधित अपराधों में त्वरित और कड़ी कार्रवाई करते हुए 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाने पर विशेष जोर दिया गया। लंबित फाइलों की समीक्षा के निर्देश उन्होंने राजपत्रित अधिकारियों को नियमित रूप से थानों का दौरा करने और वहां की लंबित अपराध डायरी, मर्ग डायरी और चालान की समीक्षा करने को कहा। फाइल योग्य मर्ग डायरी को तत्काल फाइल करने और जिन मर्ग में केस दर्ज किए जाने की आवश्यकता है, उनमें देरी न करने की हिदायत दी गई। स्थानीय स्तर और वरिष्ठ कार्यालय से प्राप्त शिकायतों की समय पर जांच कर निराकरण रिपोर्ट भेजने के निर्देश भी दिए गए।