कोरबा में वनकर्मियों से मारपीट के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मनाराम, संजय, पंडेवालाल, प्रमोद और अंकुश पटेल को अरेस्ट किया गया है। मामला करतला परिक्षेत्र के ग्राम जोगीपाली का है। दरअसल, 14 नवंबर की रात सहायक वन परिक्षेत्राधिकारी चमरू सिंह कंवर और बीट गार्ड गजाधर सिंह राठिया 38 हाथियों के झुंड की निगरानी कर रहे थे। इस दौरान कुश पटेल और मना राम पटेल को ट्रैक्टर में साल के लट्ठे ले जाते देखा। उनके साथ लगभग एक दर्जन अन्य लोग भी थे। आरोप है कि इस भीड़ ने वनकर्मियों पर हमला कर दिया, उनके मोबाइल छीन लिए और उन्हें जबरन गांव ले जाकर लाठी-डंडों से पीटा। उन पर कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या का प्रयास भी किया गया। 70 पुलिस और वनकर्मी चलाया संयुक्त अभियान घटना के बाद वनकर्मी एकजुट हुए और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की। छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ के संभागीय अध्यक्ष प्रीतम पुराइन और जिलाध्यक्ष कमलेश कुम्हार की उपस्थिति में एक बैठक आयोजित की गई। इसके बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने एसपी कार्यालय पहुंचकर डीएसपी मुख्यालय को ज्ञापन सौंपा। 26 नवंबर को एक संयुक्त अभियान चलाया गया। इसमें सात टीआई, नौ एसआई/एएसआई और लगभग 70 पुलिस और वनकर्मी शामिल थे। फरार आरोपियों की तलाश जारी पुलिस और वनकर्मियों ने मनाराम, संजय, पंडेवालाल, प्रमोद और अंकुश पटेल को गिरफ्तार किया। सभी को गुरुवार को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। एएसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने करतला थाने में एफआईआर दर्ज की है और अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।