भूपेश के बेटे को राहत, आदिवासी नेता लखमा पर चुप्पी? चैतन्य की रिहाई से गरमाई राजनीति, BJP-कांग्रेस आमने-सामने

BJP vs Congress: शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को करीब 170 दिन बाद रायपुर सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया है।

Jan 5, 2026 - 11:26
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भूपेश के बेटे को राहत, आदिवासी नेता लखमा पर चुप्पी? चैतन्य की रिहाई से गरमाई राजनीति, BJP-कांग्रेस आमने-सामने

BJP vs Congress: छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को करीब 170 दिन बाद रायपुर सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया है। चैतन्य बघेल को अदालत से जमानत मिलने के बाद जेल से बाहर लाया गया। उनकी रिहाई के साथ ही प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है।

BJP vs Congress: भाजपा का हमला: आदिवासी नेता की सुध नहीं ली

चैतन्य बघेल की रिहाई पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा प्रदेश प्रवक्ता देवीलाल ठाकुर ने कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि शराब घोटाले जैसे गंभीर मामले में भूपेश बघेल अपने बेटे की रिहाई के लिए सक्रिय रहे, लेकिन आदिवासी नेता और पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा आज भी जेल में हैं। भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हमेशा आदिवासी नेताओं का राजनीतिक इस्तेमाल किया है और मुश्किल समय में उन्हें अकेला छोड़ दिया।

लखमा अब भी जेल में, कांग्रेस पर सवाल

भाजपा नेताओं ने सवाल उठाया कि यदि कांग्रेस को वास्तव में आदिवासी हितों की चिंता होती, तो कवासी लखमा के मामले में भी उतनी ही सक्रियता दिखाई जाती। उन्होंने इसे कांग्रेस की “दोहरी राजनीति” करार दिया।

सिंहदेव का पलटवार: बिना दोष सिद्ध किए दी जा रही सजा

भाजपा के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता टीएस सिंहदेव ने कहा कि भाजपा सरकार जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। सिंहदेव ने कहा कि बिना दोष सिद्ध हुए लोगों को लंबे समय तक जेल में रखा जा रहा है, जो न्याय की मूल भावना के खिलाफ है।उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा सरकार राजनीतिक विरोधियों को दबाने के लिए एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है और अदालतें ही अंतिम रूप से सच्चाई सामने लाएंगी।

राजनीतिक बयानबाजी तेज

चैतन्य बघेल की रिहाई और कवासी लखमा की गिरफ्तारी को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। एक ओर भाजपा इसे कांग्रेस की कथनी-करनी का फर्क बता रही है, तो वहीं कांग्रेस इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बता रही है। छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले से जुड़े मामलों को लेकर आने वाले दिनों में राजनीतिक माहौल और गर्म होने की संभावना है।

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