सरकारी नौकरी का झांसा देकर 52 लोगों से ठगी, मास्टरमाइंड सहित चार आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

रायपुर। शिक्षित युवक-युवतियों को पोस्टमाटर और पोस्टमैन की नौकरी दिलाने का झांसा दिया और उनसे 2 करोड़ से अधिक रकम ले ली। इसके बाद किसी की नौकरी नहीं लगवाई।

Feb 20, 2026 - 10:43
 0  3
सरकारी नौकरी का झांसा देकर 52 लोगों से ठगी, मास्टरमाइंड सहित चार आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

रायपुर। दिल्ली में फर्जी एमबीबीएस डिग्री के सहारे अस्पताल चलाने वाले ने छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर 52 युवक-युवतियों को ठग लिया। आरोपी और उसके साथियों ने शिक्षित युवक-युवतियों को पोस्टमाटर और पोस्टमैन की नौकरी दिलाने का झांसा दिया और उनसे 2 करोड़ से अधिक रकम ले ली। इसके बाद किसी की नौकरी नहीं लगवाई। मामले की शिकायत के बाद सिविल लाइन पुलिस ने मास्टरमाइंड सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है।

मामले का खुलासा करते हुए डीसीपी सेंट्रल उमेश प्रसाद गुप्ता ने बताया कि संजय निराला के रिश्तेदारों को जांजगीर चांपा निवासी नरेश मनहर, भुनेश्वर बंजारे, हीरा दिवाकर और राकेश रात्रे ने पोस्टऑफिस में नौकरी लगाने का झांसा दिया। इसके एवज में 4 लाख 50 हजार रुपए लिए, लेकिन नौकरी किसी की नहीं लगाई। संजय की तरह और कई लोग पीडि़त थे। संजय ने इसकी शिकायत सिविल लाइन थाने में की। इसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर मास्टरमाइंड नरेश मनहर और उसके तीनों साथियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के खिलाफ ठगी व अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। आरोपी नरेश ने दिल्ली में एक हॉस्पिटल भी खोल रखा है। उसके पास एमबीबीएस की फर्जी डिग्री मिली है। पुलिस इसकी अलग से जांच कर रही है।
52 युवक-युवतियों से 2.34 करोड़ ठगे

पुलिस के मुताबिक नरेश और उसके साथी भुनेश्वर, हीरा और राकेश ने रायपुर, सारंगढ़, बिलाईगढ़, जांजगीर चांपा, बिलासपुर और उसके आसपास के इलाके के 52 बेरोजगार युवक-युवतियों को सरकारी नौकरी लगवा देने का झांसा दिया। इसके एवज में सभी से कुल 2 करोड़ 34 लाख रुपए वसूले। इसके बाद सभी को फर्जी ज्वॉइनिंग लेटर दे दिया। ज्वॉइनिंग लेटर लेकर कई लोग पोस्टऑफिस पहुंचे, तब खुलासा हुआ कि यह फर्जी भती है। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।

मास्टरमाइंड के पास से फर्जी एमबीबीएस डिग्री भी मिली

इस फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड नरेश है। वह पहले भी नकली नोट बनाने के मामले में पकड़ा जा चुका है। जांच के दौरान नरेश के पास से फर्जी एमबीबीएस डिग्री बरामद हुई है। यह डिग्री डीपीयू डॉक्टर डीवाय पाटिल विद्यापीठ यूनिर्सिटी की है। आरोपी ने दिल्ली में एक अस्पताल भी खोल रखा है। आरोपी नरेश ने एक महिला डॉक्टर के बैंक खाते में 10 लाख रुपए जमा किए हैं। इससे आशंका है कि महिला ने फर्जी डिग्री बनाकर आरोपी को दी है। पुलिस ने आरोपी नरेश से 2 स्मार्ट फोन, लैपटाप, कलर-प्रिंटर, नोट गिनने की मशीन, कंप्यूटर सेटअप, नियुक्ति प्रत्र फर्जी सील नमूना, अनेक फर्जी दस्तावेज जब्त किए हैं।

ठग चला रहे थे ऑफिस

आरोपी नरेश ने आमासिवनी पंडरी में ऑफिस खोला था। इसके अलावा फर्जी गुडलक माइक्रो फाइनेंस बैंक, गुडलक हेल्थ सर्विस और गुडलक फूड सर्विस संचालित करता था। इसके जरिए भी कई लोगों को ठगे जाने की आशंका है। आरोपी नरेश और उसके साथियों का अलग-अलग काम था। भुनेश्वर बंजारे, पीडि़तों से पैसे लेता और फर्जी नियुक्ति पत्र प्रिंट कराता था। हीरा और राकेश रात्रे पीडि़तों से दस्तावेज लेते थे। फिलहाल पुलिस ने आरोपियों को जेल भेज दिया है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

PoliceDost Police and Public Relations