CG Legislative Assembly: बजट सत्र में आज अहम दिन, विष्णुदेव साय विधानसभा में पेश करेंगे दो बड़े विधेयक
CG Legislative Assembly: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के 15वें दिन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय दो महत्वपूर्ण विधेयक पेश करेंगे। सदन में कई अहम मुद्दों पर चर्चा और बहस होने की संभावना है।
CG Legislative Assembly: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का 15वां दिन आज काफी अहम माना जा रहा है। सदन की कार्यवाही के दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा और फैसले होने की संभावना है। प्रश्नकाल में मंत्री ओपी चौधरी, राजेश अग्रवाल और रामविचार नेताम विधायकों के सवालों का जवाब देंगे। वहीं वित्त मंत्री ओपी चौधरी विभिन्न आधिकारिक दस्तावेज सदन के पटल पर प्रस्तुत करेंगे।
CG Legislative Assembly: आज पेश होंगे दो विधेयक
आज सदन में कुल 71 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाए जाएंगे, जिनमें जनहित से जुड़े कई अहम मुद्दों को उठाया जाएगा। विधायक पुन्नूलाल मोहले अपनी समिति का प्रतिवेदन पेश करेंगे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सदन में दो महत्वपूर्ण विधेयक प्रस्तुत करेंगे। वहीं वित्त मंत्री ओपी चौधरी छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) विधेयक भी पेश करेंगे।
विधायक अजय चंद्राकर और सुशांत शुक्ला दो अशासकीय संकल्प सदन में रखेंगे। आज की कार्यवाही के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस होने के आसार हैं, जिससे सदन का माहौल गरमाने की संभावना है।
बता दें गुरुवार, 19 मार्च को छत्तीसगढ़ विधानसभा में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक, 2026 पास हो गया है। इस विधेयक के तहत अवैध तरीके से धर्मांतरण कराने के मामलों में दोषी पाए जाने पर 7 से 10 साल तक की जेल और कम से कम 5 लाख रुपए जुर्माना लगाया जाएगा।
वहीं बीते दिनों यानी छत्तीसगढ़ विधानसभा ने बुधवार को सदन में विस्तृत चर्चा के बाद वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1.87 लाख करोड़ रुपये का बजट पारित कर दिया। छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक, 2026 पर हुई बहस का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि यह बजट राज्य के तीन करोड़ नागरिकों की आकांक्षाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
CG Legislative Assembly: महत्वपूर्ण विधेयक पारित होते हैं…
छत्तीसगढ़ में बजट सत्र को सबसे महत्वपूर्ण विधायी सत्रों में गिना जाता है, जहां सरकार अपनी नीतियों, योजनाओं और वित्तीय प्रस्तावों को प्रस्तुत करती है। इस दौरान विभिन्न विभागों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होती है और विपक्ष सरकार से जवाबदेही मांगता है।
प्रश्नकाल और ध्यानाकर्षण प्रस्ताव सदन की कार्यवाही के अहम हिस्से होते हैं, जिनके जरिए जनप्रतिनिधि जनता से जुड़े मुद्दों को उठाते हैं। वहीं अशासकीय संकल्पों के माध्यम से विधायक अपनी राय और सुझाव सरकार के सामने रखते हैं। हर साल बजट सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयक पारित होते हैं, जो राज्य की प्रशासनिक और आर्थिक दिशा तय करते हैं। ऐसे में इस सत्र की हर बैठक राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से खास महत्व रखती है।
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