छत्तीसगढ़ के व्यापारियों-उद्यमियों के लिए बड़ी खुशबखरी, सरकार ने व्यापार संबंधी नियमों में किया संशोधन
Chhattisgarh News: राज्य में कई व्यवसायों को व्यापार लाइसेंस से छूट मिली है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने राज्य में व्यापार अनुज्ञापन (लाइसेंस) संबंधी नियमों में संशोधन किया है…
Chhattisgarh Trade license New Rule: नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने राज्य में व्यापार अनुज्ञापन (लाइसेंस) संबंधी नियमों में संशोधन किया है। विभाग द्वारा 25 जून को जारी अधिसूचना के अनुसार छत्तीसगढ़ नगरपालिका (व्यापार अनुज्ञापन) नियम, 2025 में नियम 18 और 19 जोड़े गए हैं। इन संशोधनों के बाद अब नगर निगम, नगर पालिका परिषद या नगर पंचायत क्षेत्र की सीमा के भीतर किसी भी व्यापार या व्यावसायिक गतिविधि के संचालन के लिए व्यक्ति को नगरपालिका व्यापार अनुज्ञप्ति प्राप्त करने या उसका नवीनीकरण कराने की आवश्यकता नहीं होगी।
Chhattisgarh News: 43 प्रकार के व्यवसायों को सूचीबद्ध किया
अनुसूची में 43 प्रकार के व्यवसायों को सूचीबद्ध किया गया है जिन्हें इस छूट का लाभ मिलेगा। इनमें खुदरा और थोक दुकानें, किराना, फल-सब्जी विक्रेता, डेयरी उत्पाद, बेकरी, मिठाई की दुकानें, रेस्टोरेंट, भोजनालय, मेडिकल स्टोर, अस्पताल, कारखाने और औद्योगिक प्रतिष्ठान शामिल हैं। नियम 19 यह भी स्पष्ट करता है कि व्यापार अनुज्ञप्ति प्राप्त करने से छूट होने के बावजूद, प्रत्येक व्यक्ति को संबंधित नगरपालिका को नियमानुसार लागू पंजीकरण शुल्क का भुगतान करना अनिवार्य होगा। यह निर्णय राज्य में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देने और छोटे-बड़े व्यापारियों को अनावश्यक औपचारिकताओं से मुक्ति दिलाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल किया गया है।
नगरीय निकाय सीधे खरीदेंगे देवभोग दुग्ध उत्पाद
नगरीय शासन एवं विकास विभाग ने राज्य के सभी नगरीय निकायों को निर्देश जारी कर देवभोग ब्रांड के दुग्ध उत्पादों की सीधी सुनिश्चित करने को कहा है। निर्देशों के तहत अब नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों को छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ मर्यादित द्वारा उत्पादित देवभोग ब्रांड के दुग्ध एवं दुग्ध उत्पादों की सीधी खरीद करनी होगी।
नगरीय शासन एवं विकास विभाग के अवर सचिव ने इस संबंध में एक प्रतिलिपि संबंधित अधिकारियों को प्रेषित की है, जिसमें संचालक, नगरीय शासन एवं विकास संचालनालय; मुख्य कार्यपालन अधिकारी, राज्य शहरी विकास अभिकरण; तथा क्षेत्रीय कार्यालयों के संयुक्त संचालकों को शामिल किया गया है। साथ ही, समस्त आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को भी इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
इस कदम का उद्देश्य राज्य के सहकारी दुग्ध महासंघ द्वारा निर्मित उत्पादों को बढ़ावा देना और उनकी सीधी पहुंच सुनिश्चित करना है। इस पहल से स्थानीय दुग्ध उत्पादकों और सहकारी संघ को लाभ मिलने की उम्मीद है, साथ ही नगरीय क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पादों की उपलब्धता भी सुनिश्चित होगी।
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