Mahadev Betting App: सौरभ चंद्राकर का कथित फर्जी पासपोर्ट वायरल, फोटो अपनी और नाम पूर्व क्रिकेटर अजंता मेंडिस का!
Mahadev Betting App News: महादेव बेटिंग ऐप मामले के प्रमुख आरोपी सौरभ चंद्राकर से जुड़ा एक कथित फर्जी पासपोर्ट सोशल मीडिया पर वायरल होने का दावा किया जा रहा है। दस्तावेज में तस्वीर सौरभ चंद्राकर की बताई जा रही है, जबकि नाम श्रीलंका के पूर्व क्रिकेटर अजंता मेंडिस का दर्ज होने की चर्चा है। मामले को लेकर जांच और आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
नई दिल्ली/रायपुर। महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले के प्रमुख आरोपी सौरभ चंद्राकर को ओमान में गिरफ्तार किए जाने के बाद उससे जुड़ा एक कथित फर्जी पासपोर्ट सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस दस्तावेज में तस्वीर सौरभ चंद्राकर की बताई जा रही है, जबकि उस पर श्रीलंका के पूर्व क्रिकेटर अजंता मेंडिस का नाम दर्ज होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, इस दस्तावेज की प्रामाणिकता की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और जांच एजेंसियां इसकी पड़ताल कर रही हैं।
कथित फर्जी पासपोर्ट से ओमान में प्रवेश का दावा
जांच एजेंसियों के अनुसार, सौरभ चंद्राकर ने कथित तौर पर फर्जी पासपोर्ट के जरिए ओमान में प्रवेश किया था। वायरल दस्तावेज में पासपोर्ट संख्या E3387986 दर्ज होने का दावा किया जा रहा है। इसमें धारक की जन्मतिथि 11 मार्च 1998 दर्शाई गई है और उसे दक्षिण-पूर्व एशियाई नागरिक बताया गया है। एजेंसियां इस दस्तावेज की सत्यता और इसके उपयोग की जांच कर रही हैं।
अलग-अलग दस्तावेजों में अलग पहचान
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि सौरभ चंद्राकर और उसके सहयोगी रवि उप्पल ने पहले वानूआतू की नागरिकता हासिल की थी। उस दस्तावेज में सौरभ चंद्राकर की जन्मतिथि 13 जनवरी 1995 दर्ज है, जबकि कथित फर्जी पासपोर्ट में जन्मतिथि 11 मार्च 1998 बताई गई है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि अलग-अलग दस्तावेजों में अलग पहचान और जन्मतिथि का उपयोग कहीं कानूनी कार्रवाई, गिरफ्तारी या प्रत्यर्पण प्रक्रिया से बचने के उद्देश्य से तो नहीं किया गया।
फर्जी पहचान के नेटवर्क की जांच जारी
जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि कथित फर्जी पासपोर्ट और पहचान दस्तावेज किस नेटवर्क के माध्यम से तैयार किए गए और उनका इस्तेमाल किन-किन देशों में किया गया। मामले में कई अंतरराष्ट्रीय पहलुओं की जांच जारी है।
रेड नोटिस हटाने की याचिका हुई खारिज
महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी, धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रहे हैं।
हाल ही में इंटरपोल के संबंधित प्राधिकरण ने सौरभ चंद्राकर की रेड नोटिस हटाने की याचिका खारिज कर दी। प्राधिकरण ने माना कि मामला वित्तीय अपराध और धन शोधन से जुड़ा है, इसलिए रेड नोटिस प्रभावी रहेगा।
नोट: वायरल पासपोर्ट को लेकर किए जा रहे दावे जांच के दायरे में हैं। संबंधित एजेंसियों द्वारा इसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
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