Raipur Traffic News: स्कूलों के बाहर जांच में 61 नाबालिग वाहन चालक पकड़े गए, अभिभावकों की हुई काउंसलिंग
Raipur Traffic News: रायपुर यातायात पुलिस ने स्कूलों के बाहर विशेष जांच अभियान चलाकर 61 नाबालिग वाहन चालकों को पकड़ा। कार्रवाई के बाद उनके अभिभावकों की काउंसलिंग की गई और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। नाबालिग ड्राइविंग के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
रायपुर। पुलिस कमिश्नरेट रायपुर में पुलिस उपायुक्त (यातायात) डॉ. अर्चना झा के निर्देशन में सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में शहर के विभिन्न स्कूलों के बाहर जांच अभियान चलाकर 61 नाबालिग बच्चों को दोपहिया वाहन चलाते हुए पकड़ा गया। सभी मामलों में बच्चों के अभिभावकों को बुलाकर काउंसलिंग की गई और भविष्य में नाबालिगों को वाहन नहीं देने की समझाइश दी गई।
स्कूलों के बाहर चला विशेष जांच अभियान
यातायात पुलिस की टीमों ने शहर के विभिन्न विद्यालयों के बाहर विशेष जांच अभियान चलाया। जांच के दौरान स्कूल आने-जाने के लिए मोटरसाइकिल का उपयोग कर रहे 61 नाबालिग वाहन चालकों को रोका गया। इसके बाद उनके अभिभावकों को शाम 5 बजे यातायात मुख्यालय, कालीबाड़ी में आयोजित काउंसलिंग कार्यक्रम में बुलाया गया।
डीसीपी डॉ. अर्चना झा ने अभिभावकों को किया जागरूक
काउंसलिंग कार्यक्रम में डीसीपी (यातायात) डॉ. अर्चना झा ने अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस का उद्देश्य किसी बच्चे या अभिभावक को परेशान करना नहीं, बल्कि प्रत्येक बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े प्रेजेंटेशन और वीडियो के माध्यम से नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के गंभीर परिणामों की जानकारी दी और अभिभावकों से बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की।
नाबालिग को वाहन देना कानूनन अपराध
यातायात पुलिस ने अभिभावकों को बताया कि नाबालिग को वाहन चलाने की अनुमति देना मोटर वाहन अधिनियम की धारा 199A के तहत दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में ₹25,000 तक का जुर्माना, तीन वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है। इसके अलावा संबंधित नाबालिग के 18 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद भी निर्धारित अवधि तक ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
चूंकि अधिकांश मामलों में यह पहली बार की गलती थी, इसलिए बच्चों के भविष्य और जनहित को ध्यान में रखते हुए कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ अभिभावकों की विस्तृत काउंसलिंग की गई।
सुरक्षित परिवहन अपनाने की अपील
यातायात पुलिस ने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपनी सुविधा के लिए नाबालिग बच्चों को दोपहिया या अन्य मोटर वाहन उपलब्ध न कराएं। बच्चों के स्कूल आने-जाने के लिए स्कूल बस, अधिकृत परिवहन या अन्य सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था का उपयोग करें।
पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया कि यह अभियान आगे भी नियमित रूप से जारी रहेगा, ताकि स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने की प्रवृत्ति पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
यातायात पुलिस रायपुर का संदेश:
"हमारा उद्देश्य चालान करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक बच्चा सुरक्षित घर से स्कूल पहुंचे और सुरक्षित वापस घर लौटे। सड़क सुरक्षा की शुरुआत परिवार की जिम्मेदारी से होती है।"
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