आरंग में सरपंच पद से हटीं हर्षा साहू:अविश्वास प्रस्ताव पास, 20 में से 18 पंचों ने प्रस्ताव के पक्ष में किया मतदान

रायपुर के जनपद पंचायत आरंग में आने वाली ग्राम पंचायत गुल्लू की सरपंच हर्षा चंद्रशेखर साहू के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव भारी बहुमत से पारित हो गया। पीठासीन अधिकारी और आरंग तहसीलदार बाबूलाल कुर्रे की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया नियमानुसार संपन्न हुई। मतदान में 20 सदस्यों ने हिस्सा लिया, जिनमें से 18 ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में और केवल 2 ने सरपंच के समर्थन में मतदान किया। इसके साथ ही महज डेढ़ साल के कार्यकाल में हर्षा साहू को सरपंच पद गंवाना पड़ा। ग्राम पंचायत के पंचों का आरोप है कि पंचायत में विकास कार्यों में अनियमितता, भ्रष्टाचार और मनमानी की जा रही थी। उनका कहना है कि महत्वपूर्ण फैसलों में पंचों की राय नहीं ली जाती थी और पंचायत के कामकाज में उनकी लगातार अनदेखी की जा रही थी। इससे लंबे समय से निर्वाचित प्रतिनिधियों में नाराजगी बनी हुई थी। सरपंच पति का अनावश्यक हस्तक्षेप पंचों ने यह भी आरोप लगाया कि पंचायत के शासकीय कार्यों में सरपंच पति चंद्रशेखर साहू का अनावश्यक हस्तक्षेप रहता था। उनका कहना है कि पंचायत के कई फैसलों पर सरपंच पति का प्रभाव दिखाई देता था, जिससे निर्वाचित पंच खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे थे। इन्हीं कारणों से पंचों ने एकजुट होकर अविश्वास प्रस्ताव लाने का फैसला लिया। नए सरपंच का होगा चुनाव अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद पीठासीन अधिकारी बाबूलाल कुर्रे ने इसकी रिपोर्ट जनपद पंचायत और संबंधित अधिकारियों को भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नियमानुसार आगे पंचायत में नए सरपंच के चुनाव या वैकल्पिक व्यवस्था की कार्रवाई की जाएगी।

Jul 25, 2026 - 14:02
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आरंग में सरपंच पद से हटीं हर्षा साहू:अविश्वास प्रस्ताव पास, 20 में से 18 पंचों ने प्रस्ताव के पक्ष में किया मतदान
रायपुर के जनपद पंचायत आरंग में आने वाली ग्राम पंचायत गुल्लू की सरपंच हर्षा चंद्रशेखर साहू के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव भारी बहुमत से पारित हो गया। पीठासीन अधिकारी और आरंग तहसीलदार बाबूलाल कुर्रे की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया नियमानुसार संपन्न हुई। मतदान में 20 सदस्यों ने हिस्सा लिया, जिनमें से 18 ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में और केवल 2 ने सरपंच के समर्थन में मतदान किया। इसके साथ ही महज डेढ़ साल के कार्यकाल में हर्षा साहू को सरपंच पद गंवाना पड़ा। ग्राम पंचायत के पंचों का आरोप है कि पंचायत में विकास कार्यों में अनियमितता, भ्रष्टाचार और मनमानी की जा रही थी। उनका कहना है कि महत्वपूर्ण फैसलों में पंचों की राय नहीं ली जाती थी और पंचायत के कामकाज में उनकी लगातार अनदेखी की जा रही थी। इससे लंबे समय से निर्वाचित प्रतिनिधियों में नाराजगी बनी हुई थी। सरपंच पति का अनावश्यक हस्तक्षेप पंचों ने यह भी आरोप लगाया कि पंचायत के शासकीय कार्यों में सरपंच पति चंद्रशेखर साहू का अनावश्यक हस्तक्षेप रहता था। उनका कहना है कि पंचायत के कई फैसलों पर सरपंच पति का प्रभाव दिखाई देता था, जिससे निर्वाचित पंच खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे थे। इन्हीं कारणों से पंचों ने एकजुट होकर अविश्वास प्रस्ताव लाने का फैसला लिया। नए सरपंच का होगा चुनाव अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद पीठासीन अधिकारी बाबूलाल कुर्रे ने इसकी रिपोर्ट जनपद पंचायत और संबंधित अधिकारियों को भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नियमानुसार आगे पंचायत में नए सरपंच के चुनाव या वैकल्पिक व्यवस्था की कार्रवाई की जाएगी।

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