ये है बिना हाजिरी के सरकारी नौकरी का मजा..! बेमेतरा के छात्रों ने खोली शिक्षक की पोल

Government School News: बेमेतरा के पूर्व माध्यमिक शाला मरका में पदस्थ गणित शिक्षक हरजीत अनंत पर बिना नियमित उपस्थिति के वेतन लेने और वर्षों से स्कूल नहीं आने के आरोप लगे हैं।

Jul 25, 2026 - 14:04
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ये है बिना हाजिरी के सरकारी नौकरी का मजा..! बेमेतरा के छात्रों ने खोली शिक्षक की पोल

School Teacher Controversy: छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के पूर्व माध्यमिक शाला मरका में पदस्थ गणित शिक्षक हरजीत अनंत पर गंभीर आरोप लगे हैं। छात्रों और स्थानीय लोगों का दावा है कि शिक्षक नियमित रूप से स्कूल नहीं आते, लेकिन उनके नाम पर हर महीने वेतन जारी हो रहा है। आरोप है कि वे वर्षों से मनमर्जी से नौकरी कर रहे हैं और पढ़ाने की जिम्मेदारी अन्य शिक्षकों पर छोड़ दी है। मामले में उपस्थिति रजिस्टर में नियमित हस्ताक्षर दर्ज होने की बात भी सामने आई है। इस घटना ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

School Teacher Controversy: छात्रों ने खोली शिक्षक की पोल

विद्यालय के छात्रों का आरोप है कि गणित शिक्षक हरजीत अनंत अपनी सुविधा के अनुसार स्कूल आते-जाते हैं। उनका कहना है कि शिक्षक न तो नियमित कक्षाएं लेते हैं और न ही गणित विषय पढ़ाते हैं। छात्रों के मुताबिक, उनकी अनुपस्थिति में अन्य शिक्षक पढ़ाई की जिम्मेदारी संभालते हैं, जबकि संबंधित शिक्षक अधिकांश समय स्कूल से बाहर रहते हैं। बच्चों का कहना है कि इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

School Teacher Controversy

उपस्थिति रजिस्टर पर भी उठे सवाल

मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह बताया जा रहा है कि शिक्षक की उपस्थिति रजिस्टर में पूरे महीने की हाजिरी दर्ज रहती है। आरोप है कि रजिस्टर में नियमित हस्ताक्षर भी पाए गए हैं, जबकि छात्र और स्थानीय लोग उन्हें स्कूल में कम ही देखते हैं। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह केवल एक शिक्षक की लापरवाही का मामला नहीं, बल्कि विभागीय स्तर पर गंभीर अनियमितता का विषय हो सकता है।

अधिकारियों को जानकारी, फिर भी कार्रवाई नहीं?

स्थानीय स्तर पर यह चर्चा है कि शिक्षा विभाग के कई अधिकारियों को इस स्थिति की जानकारी है। आरोप है कि जिला शिक्षा अधिकारी (DEO), विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) और अन्य संबंधित अधिकारियों तक शिकायतें पहुंच चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। हालांकि, इन आरोपों की प्रशासनिक स्तर पर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

जवाब का इंतजार

मामले में जब जिला शिक्षा अधिकारी अभय जायसवाल से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने स्वयं के शहर से बाहर होने की बात कही। वहीं, जिला कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगई से भी संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।

अब इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि आरोप सही हैं, तो आखिर संबंधित शिक्षक को संरक्षण कौन दे रहा है? साथ ही, क्या शिक्षा विभाग छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करेगा? फिलहाल, स्थानीय लोग और छात्र मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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