छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में सहायक शिक्षक को तीन से ज्यादा बच्चे होने और नियुक्ति के समय नियमों का उल्लंघन करने के मामले में सस्पेंड कर दिया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने सहायक शिक्षक को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने का आदेश जारी किया है। जानकारी के मुताबिक सहायक शिक्षक का नाम हंसराज सिंह है और वह सरकारी प्राइमरी स्कूल बुड़ाटांड़ में पदस्थ है। DEO की ओर से 24 जून को जारी आदेश के अनुसार हंसराज सिंह के खिलाफ मिली शिकायत की जांच की गई। सेवा पुस्तिका और शुरुआती जांच रिपोर्ट के परीक्षण में नियुक्ति संबंधी नियमों के उल्लंघन की पुष्टि हुई। नियुक्ति के समय नहीं थे पात्र जांच में सामने आया कि 30 मई 2009 को नियुक्ति से पहले हंसराज सिंह की चार बच्चे थे। इनमें से तीन बच्चों का जन्म 26 जनवरी 2001 के बाद हुआ था। उस समय लागू नियमों के अनुसार, तीन से अधिक संतान होने पर अभ्यर्थी सरकारी नौकरी के लिए पात्र नहीं माना जाता था। इसके बावजूद उनकी नियुक्ति हो गई थी। आचरण नियमों के उल्लंघन का आरोप विभागीय जांच में पाया गया कि शिक्षक ने नियुक्ति के समय लागू पात्रता नियमों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम-1965 के नियम 3 और 22(4) का भी उल्लंघन किया है। मामले को नियुक्ति की मूल पात्रता और सेवा में प्रवेश की वैधता से जुड़ा गंभीर मामला मानते हुए विभाग ने अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है। छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत शिक्षक को सस्पेंड किया गया है। शंकरगढ़ रहेगा मुख्यालय निलंबन अवधि के दौरान हंसराज सिंह का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, शंकरगढ़ निर्धारित किया गया है। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता भी दिया जाएगा। तत्काल प्रभाव से लागू हुआ आदेश जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से जारी निलंबन आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। मामले में विभागीय जांच और आगे की कार्रवाई जारी रहेगी।