रायपुर जिले में जल जीवन मिशन के तहत अधूरी योजनाओं को तय समय में पूरा कराने के लिए कलेक्टर सभाकक्ष में समीक्षा बैठक हुई। जिला पंचायत के सीईओ कुमार बिश्वरंजन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले की सभी शेष योजनाएं 31 दिसंबर 2026 तक पूरी कर संबंधित ग्राम पंचायतों को सौंप दी जाएं। इसके लिए हर गांव के अनुसार समय सीमा तय करने को कहा गया। इस बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने बताया कि जिले में जल जीवन मिशन के तहत कुल 521 योजनाएं स्वीकृत हैं। इनमें से 334 नल जल योजनाएं पूरी होकर ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित की जा चुकी हैं। अब 187 योजनाएं शेष हैं, जिन्हें निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाना है। ग्रामवार लक्ष्य तय करने पर भी चर्चा सीईओ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बची हुई 187 योजनाओं के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए और काम में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए, ताकि हर घर तक समय पर नल से जल की सुविधा पहुंच सके। बैठक में योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के साथ ग्रामवार लक्ष्य तय करने पर भी चर्चा हुई। संबंधित विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को नियमित मॉनिटरिंग करते हुए सभी कार्य दिसंबर 2026 तक पूरा कराने के निर्देश दिए गए। क्या है जल जीवन मिशन जल जीवन मिशन केंद्र सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसका उद्देश्य हर ग्रामीण परिवार को सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत घर-घर नल कनेक्शन पहुंचाने, पेयजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने और जल स्रोतों को मजबूत बनाने का काम किया जा रहा है। योजना का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को पानी की समस्या से राहत देना और बेहतर जीवन स्तर उपलब्ध कराना है।