कोंडागांव: शिक्षकों को मल्टीपल बैंक लोन का झांसा देकर 10-12 करोड़ की ठगी, पांच आरोपी गिरफ्तार

Kondagaon Crime News: कोंडागांव में शिक्षकों को मल्टीपल बैंक लोन दिलाने का झांसा देकर 10 से 12 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के 5 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मामले की जांच जारी है और कई अहम खुलासे होने की संभावना है।

Jul 10, 2026 - 22:52
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कोंडागांव: शिक्षकों को मल्टीपल बैंक लोन का झांसा देकर 10-12 करोड़ की ठगी, पांच आरोपी गिरफ्तार

43 शिक्षकों को बनाया शिकार, कई बैंकों से फर्जी दस्तावेजों के जरिए दिलवाए गए लोन

कोंडागांव। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में शिक्षकों को मल्टीपल बैंक लोन दिलाने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक संगठित गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। फरसगांव और केशकाल थाना क्षेत्र में दर्ज मामलों की जांच के दौरान पुलिस ने गिरोह के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में ठगी की राशि करीब 10 से 12 करोड़ रुपये आंकी गई है।

पुलिस के अनुसार, यह गिरोह पिछले कई वर्षों से शिक्षकों को निशाना बनाकर विभिन्न बैंकों से एक साथ कई लोन स्वीकृत करवाता था। कार्रवाई पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कपिल चंद्रा के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी अभिनव उपाध्याय एवं अरुण नेताम के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने लगभग तीन महीने की जांच के बाद की।

43 शिक्षकों को बनाया शिकार

जांच में सामने आया कि आरोपियों ने कोंडागांव जिले के फरसगांव, केशकाल, बड़ेडोंगर, धनोरा और विश्रामपुरी क्षेत्र के करीब 43 शिक्षकों को मल्टीपल बैंक लोन स्कीम का लालच दिया।

आरोपी पीड़ितों से कहते थे कि स्वीकृत लोन राशि का 40 प्रतिशत उन्हें मिलेगा, जबकि शेष 60 प्रतिशत वे अपने पास रखेंगे। इसके बदले यह भरोसा दिया जाता था कि पूरे लोन की ईएमआई अगले दो से तीन वर्षों तक वे स्वयं जमा करेंगे। इसी झांसे में आकर कई शिक्षकों ने दस्तावेज उपलब्ध करा दिए।

कई बैंकों से स्वीकृत कराए गए लोन

पुलिस जांच के अनुसार, बैंक कर्मचारियों और लोन एजेंटों की कथित मिलीभगत से एसबीआई, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक सहित कई वित्तीय संस्थानों से एक साथ कई-कई लोन स्वीकृत कराए गए।

कुछ मामलों में पीड़ितों के नाम पर फर्जी आधार कार्ड तैयार कर पते में बदलाव कर दस्तावेज बैंकों में जमा किए गए। इस मामले में फरसगांव थाना में दो और केशकाल थाना में दो, कुल चार आपराधिक प्रकरण दर्ज किए गए हैं।

तकनीकी जांच से आरोपी गिरफ्तार

विशेष जांच टीम ने बैंक खातों के लेन-देन, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर आरोपियों तक पहुंच बनाई।

पुलिस ने दिलीप सोनी और अंशुमान सिंह को अंबिकापुर से, श्यामसुंदर जांगड़े को सारंगढ़ से तथा वीरेन्द्र तिर्की को जशपुर से गिरफ्तार किया। वहीं शिवशंकर दास, जो पहले से अंबिकापुर जेल में बंद था, उसे प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया गया।

मोबाइल, लैपटॉप और बैंक दस्तावेज जब्त

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, बैंक पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड, डायरी, रजिस्टर, लैपटॉप और डेस्कटॉप कंप्यूटर जब्त किए हैं। जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों और वित्तीय दस्तावेजों की जांच जारी है, ताकि ठगी के पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाया जा सके।

पुलिस का कहना है कि मामले में वैधानिक कार्रवाई जारी है तथा जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।

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