Niyad Nellanar Yojana: नक्सल प्रभावित गांवों में विकास का उजाला, 2028 घरों तक पहुंची बिजली
Niyad Nellanar Yojana: नियद नेल्लानार योजना के तहत सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर के 27 गांवों के 2028 घरों तक ग्रिड बिजली पहुंचाई गई। इससे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास को नई रफ्तार मिलेगी।
Niyad Nellanar Yojana @दिनेश कुमार: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित आदिवासी क्षेत्रों में अब विकास की रोशनी तेजी से पहुंच रही है। नक्सलवाद के खिलाफ अभियान के साथ ही दुर्गम गांवों को बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं से जोड़ने का काम भी तेज किया गया है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने मार्च से जुलाई के बीच सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर के 27 गांवों के 2028 घरों तक ग्रिड बिजली पहुंचाई। यह पहल नियद नेल्लानार योजना के तहत की जा रही है। बिजली पहुंचने से ग्रामीणों के जीवन में सुविधा बढ़ने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
Chhattisgarh Electricity: 27 गांवों के 2028 घर हुए रोशन
मार्च से जुलाई के बीच तीन जिलों में बिजली पहुंचाने के आंकड़ों के अनुसार सुकमा के 10 गांवों के 879, बीजापुर के 15 गांवों के 1081 और नारायणपुर के 2 गांवों के 68 आवासों को ग्रिड से जोड़ा गया। इस तरह तीन महीनों में कुल 27 गांवों के 2028 घरों में बिजली पहुंची।
बीजापुर में सबसे ज्यादा घरों को मिला कनेक्शन
तीनों जिलों में बीजापुर में सबसे ज्यादा घरों तक ग्रिड बिजली पहुंचाई गई। जिले के 15 गांवों के 1081 आवासों को बिजली कनेक्शन से जोड़ा गया। इसके बाद सुकमा के 10 गांवों में 879 और नारायणपुर के दो गांवों में 68 घर रोशन हुए।
दिसंबर 2025 तक 411 गांवों में पहुंची बिजली
ग्रिड बिजली विस्तार का काम इससे पहले भी लगातार जारी रहा है। दिसंबर 2025 तक 411 गांवों के 26,071 आवासों तक बिजली पहुंचाई जा चुकी थी। इनमें सुकमा के 155 गांवों के 10,341 आवास, बीजापुर के 161 गांवों के 10,332 आवास, दंतेवाड़ा के 13 गांवों के 2,519 आवास, कांकेर के 13 गांवों के 705 आवास और नारायणपुर के 38 गांवों के 2,171 आवास शामिल हैं।
200 से ज्यादा गांवों में जारी है काम
अधिकारियों के अनुसार अभी भी बस्तर संभाग के 200 से अधिक गांवों में ग्रिड से बिजली पहुंचाने का काम जारी है। दुर्गम और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बिजली नेटवर्क का विस्तार होने से ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और घरेलू जरूरतों के लिए बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
6863 बसाहटों में 65,711 घर चिन्हित
धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत प्रदेश की 6,863 बसाहटों में 65,711 ऐसे घरों को चिन्हांकित किया गया है, जहां बिजली पहुंचाना प्रस्तावित है। इनमें से अब तक 11,720 घरों में ग्रिड के माध्यम से बिजली पहुंचाई जा चुकी है। शेष घरों को भी चरणबद्ध तरीके से बिजली नेटवर्क से जोड़ने का काम किया जा रहा है।
विशेष पिछड़ी जनजातियों के 7160 घरों पर फोकस
योजना के तहत प्रदेश की सात विशेष पिछड़ी जनजातियों के 7,160 आवासों को बिजली कनेक्शन के लिए चिन्हित किया गया है। इनमें अबूझमाड़िया, बैगा, भारिया, पहाड़ी कोरबा, कमार, अगरिया और बिरहोर जनजातियां शामिल हैं। इन घरों तक बिजली पहुंचाने के लिए 37 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की नई रोशनी
नियद नेल्लानार योजना के जरिए बिजली नेटवर्क का विस्तार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास और बुनियादी सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जिन गांवों में लंबे समय तक बिजली जैसी मूलभूत सुविधा का अभाव रहा, वहां अब ग्रिड बिजली पहुंचने से ग्रामीणों के जीवन में बदलाव की नई उम्मीद जगी है। सरकार का लक्ष्य शेष अविद्युतीकृत गांवों और घरों को भी जल्द बिजली नेटवर्क से जोड़ना है।
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