Patrika Exclusive: छत्तीसगढ़ में एक साथ 42 नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता रद्द, INC की कार्रवाई ने चौंकाया
Chhattisgarh Nursing college: छत्तीसगढ़ में एक साथ 42 नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता रद्द हो गई है। इंडियन नर्सिंग काउंसिल ने यह बड़ी कार्रवाई की है। आईएनसी ने यह कार्रवाई एक्ट 1947 की धारा 14 के तहत की है..
Chhattisgarh News: पीलूराम साहू की रिपोर्ट. इंडियन नर्सिंग काउंसिल (आईएनसी) ने प्रदेश के 42 नर्सिंग कॉलेजों में संचालित विभिन्न कोर्स की मान्यता रद्द कर दी है। इन कॉलेजों में डीकेएस सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में संचालित एमएससी कोर्स भी शामिल हैं। निजी कॉलेजों में बीएससी, जीएनएम, पोस्ट बेसिक बीएससी व साइकेट्री नर्सिंग में डिप्लोमा कोर्स शामिल हैं। आईएनसी ने कहा है कि इन कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं केवल प्रदेश में पंजीयन कराने के लिए पात्र होंगे। यानी वे केवल छत्तीसगढ़ में नौकरी कर पाएंगे, दूसरे राज्यों में नहीं।
Chhattisgarh Nursing college: दूसरे राज्यों या विदेशों में नहीं कर पाएंगे नौकरी
आईएनसी ने यह कार्रवाई एक्ट 1947 की धारा 14 के तहत की है। काउंसिल ने ये भी कहा है कि इन संस्थानों से मान्यता प्राप्त योग्यता रखने वाला कोई भी व्यक्ति केवल उसी राज्य में पंजीकरण कराने का हकदार होगा, जहां से उसने योग्यता प्राप्त की है। यानी ये कॉलेज चलते रहेंगे, लेकिन यहां से पासआउट छात्र-छात्राएं देश के अन्य राज्यों या विदेश में नौकरी नहीं कर पाएंगे।
सरकारी व निजी कॉलेजों में हड़कंप
आईएनसी के आदेश के बाद सरकारी व निजी कॉलेजों में हड़कंप की स्थिति है। आईएनसी ने देशभर के 1484 कॉलेजों में संचालित विभिन्न कोर्स की मान्यता रद्द की है। कारण नहीं बताया गया है, लेकिन संभावना है कि कॉलेजों ने सुइटेबिलिटी सर्टिफिकेट नहीं लिया है इसलिए मान्यता रद्द की गई है। आईएनसी ने वेबसाइट में पूरी सूची अपलोड की है।
कॉलेजों में अब तक निरीक्षण नहीं
प्रदेश में 143 नर्सिंग कॉलेज हैं, जहां बीएससी कोर्स चल रहे हैं। इनमें 8 सरकारी है। इन कॉलेजों का अभी तक निरीक्षण शुरू नहीं हुआ है। इससे काउंसिलिंग में देरी हो सकती है। या काउंसिल पुरानी मान्यता के अनुसार कॉलेजों को नए सत्र के लिए प्रवेश देने को कह सकता है। हालांकि नियमानुसार कॉलेजों का हर साल निरीक्षण जरूरी है। काउंसिल नया सत्र शुरू होने के पहले सभी कॉलेजों का निरीक्षण करवाता है। ताकि कॉलेजों को मान्यता दी जा सके। यही नहीं नए कॉलेज का प्रस्ताव, सीट वृद्धि, कॉलेजों का अपग्रेडेशन का काम भी करता है। इन सबके लिए कॉलेज का निरीक्षण जरूरी है। निरीक्षण में फैकल्टी समेत इंफ्रास्ट्रक्चर, लैब व अस्पताल की संबद्धता शामिल है।
कॉलेजों की मनमानी, नक्शा तक जमा नहीं किए
चिकित्सा शिक्षा विभाग ने 2024 में सभी 135 निजी नर्सिंग कॉलेजों से बिल्डिंग का सत्यापित नक्शा मंगाया था। ज्यादातर कॉलेजों ने नक्शे ही नहीं जमा किए, क्योंकि वे मापदंड के अनुसार नहीं चल रहे हैं। इस पर भी नर्सिंग कॉलेजों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। दरअसल प्रदेश में 25 से 30 फीसदी निजी कॉलेज मापदंड के विपरीत चल रहे हैं। कई स्थानों पर एक से दो कमरों पर किराए के भवन में कॉलेज चल रहे हैं। जबकि आईएनसी के अनुसार बिल्डिंग 23000 वर्गफीट एरिया में बनी होनी चाहिए।
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