सरकारी वर्दी, लोगो और पदनाम का सोशल मीडिया पर इस्तेमाल अब बैन: महाराष्ट्र सरकार का बड़ा आदेश
महाराष्ट्र सरकार ने अब सोशल मीडिया पर सरकारी वर्दी, विभागीय लोगो और पदनाम के उपयोग पर सख्त रोक लगा दी है। यह फैसला सरकारी प्रतिष्ठा और गोपनीयता बनाए रखने के लिए लिया गया है। आदेश का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई होगी।
किसी भी सरकार के खिलाफ टिप्पणी पर होगी सख्त कार्रवाई, सोशल मीडिया आचरण के लिए जारी हुए सख्त दिशानिर्देश
Mumabi News : - महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के सभी सरकारी कर्मचारियों, संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के सोशल मीडिया व्यवहार को लेकर बड़ा कदम उठाया है। अब कर्मचारी अपने निजी सोशल मीडिया अकाउंट्स पर वर्दी, कार्यालय का लोगो, पदनाम या किसी भी सरकारी संपत्ति की तस्वीरें या वीडियो साझा नहीं कर सकेंगे। सोमवार को जारी विस्तृत परिपत्र में यह सख्त निर्देश दिए गए हैं।
सरकार की ओर से कहा गया है कि सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की सरकारी योजना, कार्यक्रम या निर्णय का प्रचार यदि करना है, तो इसके लिए विभागीय अनुमति आवश्यक होगी। अधिकारी अब अपने व्यक्तिगत और सरकारी सोशल मीडिया खातों को अलग-अलग रखेंगे।
सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों में खास बात यह भी है कि न केवल महाराष्ट्र, बल्कि किसी भी राज्य या केंद्र सरकार के खिलाफ सोशल मीडिया पर की गई कोई भी नकारात्मक टिप्पणी कर्मचारियों के लिए मुसीबत बन सकती है। ऐसे मामलों में महाराष्ट्र सिविल सेवा नियम, 1979 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
- सरकारी योजना या उपलब्धि का प्रचार केवल उच्चाधिकारियों की अनुमति से किया जा सकेगा।
- सरकारी कार्यक्रमों में योगदान को साझा करने की अनुमति है, लेकिन निजी प्रशंसा की मनाही।
- व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे ऐप्स का इस्तेमाल सिर्फ संपर्क और समन्वय के लिए होगा।
- कोई भी आपत्तिजनक, नफरत फैलाने वाला या विभाजनकारी संदेश शेयर या फॉरवर्ड नहीं किया जाएगा।
बिना अनुमति कोई भी आधिकारिक दस्तावेज आंशिक या पूर्ण रूप से साझा नहीं किया जाएगा।
राज्य सरकार ने यह कदम सरकारी कर्मचारियों के डिजिटल आचरण को अनुशासित करने और प्रशासनिक मर्यादा बनाए रखने के लिए उठाया है। सर्कुलर में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इन नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
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