Promotion News: छत्तीसगढ़ में 40 से ज्यादा डॉक्टरों को मिला प्रमोशन, विभाग ने जारी की लिस्ट, देखें
Doctors Promotion News: छत्तीसगढ़ सरकार के चिकित्सा शिक्षा विभाग ने राज्य के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में कार्यरत 40 सह-प्राध्यापकों को पदोन्नत कर प्राध्यापक (Professor) बनाया है।
Chhattisgarh Doctors Promotion News: छत्तीसगढ़ सरकार के चिकित्सा शिक्षा विभाग ने राज्य के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में कार्यरत सह-प्राध्यापकों (Associate Professors) को एक बड़ा तोहफा दिया है। शासन द्वारा जारी नए आदेश के तहत विभिन्न विभागों के 40 से अधिक सह-प्राध्यापकों को पदोन्नत कर प्राध्यापक के पद पर नियुक्त किया गया है।
विभाग द्वारा जारी आदेश में पदोन्नति के साथ कई चिकित्सकों की नई पदस्थापना भी की गई है। चिकित्सा शिक्षा विभाग की उप सचिव लविना पाण्डेय के हस्ताक्षर से 25 जून 2026 को यह आदेश जारी किया गया।
Promotion News: देखें लिस्ट
नया वेतनमान और पदस्थापना
आदेश के अनुसार पदोन्नत चिकित्सकों को पे-मैट्रिक्स लेवल-18सी (1,45,200 रुपये से 2,19,800 रुपये) का वेतनमान प्रदान किया गया है। पदोन्नति के बाद उन्हें राज्य के विभिन्न शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
कई विभागों के चिकित्सक शामिल
जारी सूची में कम्युनिटी मेडिसिन, फॉरेंसिक मेडिसिन, फार्माकोलॉजी, एनाटॉमी, माइक्रोबायोलॉजी, फिजियोलॉजी, पैथोलॉजी, मेडिसिन, सर्जरी, प्रसूति एवं स्त्री रोग, नेत्र रोग, ईएनटी, अस्थिरोग, दंतरोग, निश्चेतना, चर्म एवं रतिज रोग, शिशुरोग, बायोकेमेस्ट्री, रेडियोथेरेपी और थोरेसिक सर्जरी सहित विभिन्न विभागों के चिकित्सक शामिल हैं।
इन चिकित्सकों की पदस्थापना रायपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर, जगदलपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, कांकेर, महासमुंद, कोरबा, जांजगीर-चांपा समेत राज्य के विभिन्न शासकीय मेडिकल कॉलेजों में की गई है।
15 दिनों में जॉइन करना अनिवार्य
मंत्रालय (महानदी भवन) से जारी आदेश के अनुसार सभी पदोन्नत चिकित्सकों को आदेश जारी होने की तिथि से 15 दिनों के भीतर अपने नवीन पदस्थापना (Professor Promotion in Chhattisgarh) स्थल पर कार्यभार ग्रहण करना होगा। निर्धारित अवधि के भीतर जॉइनिंग नहीं करने पर उनकी पदोन्नति स्वतः निरस्त मानी जाएगी।
3 साल तक पदोन्नति से रहेंगे वंचित
विभाग ने आदेश में स्पष्ट किया है कि समय-सीमा के भीतर कार्यभार ग्रहण नहीं करने वाले चिकित्सकों को आगामी तीन वर्षों तक पदोन्नति के लिए अयोग्य माना जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारियों को तत्काल विभाग को जानकारी देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
न्यायालय के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा आदेश
चिकित्सा शिक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह पदोन्नति आदेश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर में लंबित जनहित याचिका क्रमांक WP(PIL) 91/2019, WPS No. 9778/2019 तथा अन्य संबंधित प्रकरणों में पारित होने वाले अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा।
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