पलारी में 10 दिनों में स्नेक बाइट के 13 केस:अस्पताल पहुंचने में देरी, 2 बच्चों की मौत; 11 को समय पर मिला इलाज

बलौदाबाजार के पलारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में पिछले 10 दिनों के दौरान स्नेक बाइट के 13 मामले सामने आए हैं। इनमें 2 बच्चों की मौत हो गई, जबकि 11 लोगों का समय पर इलाज होने से उनकी जान बच गई। लगातार सामने आ रहे मामलों से ग्रामीणों में डर का माहौल है। मृतकों में ग्राम खरतोरा निवासी 8 साल का भुवनेश्वर फेकर शामिल है। उसे 20 जून को सांप ने काट लिया था, लेकिन अस्पताल पहुंचने में देरी होने के कारण इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं, भटिया गांव की 4 साल की सानिया गोरे को 19 जून को सांप ने काटा था। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। खरतोरा गांव में तीन दिनों के भीतर तीन लोगों को सांप ने काटा। इनमें भुवनेश्वर फेकर की मौत हो गई, जबकि डोमेश्वरी साहू (27) और ममता (16) का इलाज के बाद स्वास्थ्य सामान्य है। इसी गांव की नीलम निराला (16) को भी सांप ने काटा था, लेकिन समय पर उपचार मिलने से उनकी जान बच गई। पीड़ितों ने सुनाई आपबीती डोमेश्वरी साहू ने बताया कि वह घर में काम कर रही थीं, तभी सांप ने उनके पैर में काट लिया। दर्द होने पर परिजन तुरंत उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, जिससे समय पर इलाज मिल गया। लकड़िया गांव की चंद्रकली भारद्वाज (45) ने बताया कि घर के बाहर काम करते समय सांप ने उन्हें काट लिया था। परिजनों के साथ वह तुरंत अस्पताल पहुंचीं, जहां इलाज मिलने से उनकी जान बच गई। समय पर इलाज से बची कई जिंदगियां राज कन्नौजे (15) ने बताया, "मैं दोस्तों के साथ खेल रहा था। घास में छिपे सांप ने पैर में काट लिया। दर्द बहुत तेज था। परिवार वाले तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने इलाज शुरू कर दिया। अब मैं ठीक हूं, लेकिन घटना का डर अभी भी है।" मनीष कुमार निषाद (14) ने कहा, "मैं घर से बाहर जा रहा था, तभी रास्ते में सांप ने काट लिया। मेरी चीख सुनकर परिजन पहुंचे और तुरंत अस्पताल ले गए। समय पर इलाज मिलने से मेरी जान बच गई।" ये लोग भी हुए सर्पदंश का शिकार अन्य पीड़ितों में पलारी के कुलदीप कुमार धीवर (15), सीतापार के मन्नू राम धुव्र (45), कोसंमदा के राज कन्नौजे (15), बोईरडीह के खिलावन घृतलहरे (26), कोड़ापार के प्रकाश जोशी (10) और खपरी के अभय मार्कण्डेय (10) शामिल हैं। सभी का समय पर इलाज किया गया और उनकी हालत अब सामान्य है। डॉक्टर बोले- बरसात में बरतें सावधानी पलारी अस्पताल के डॉ. उमर ताज कुरैशी ने बताया कि बरसात के मौसम में सांप अपने बिलों से बाहर निकल आते हैं, इसलिए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने सलाह दी कि रात में अंधेरे में बाहर न निकलें, जमीन पर न सोएं, नंगे पैर न चलें और घर के आसपास साफ-सफाई रखें। झाड़-फूंक में समय न गंवाएं, तुरंत अस्पताल जाएं डॉ. कुरैशी ने कहा कि सर्पदंश होने पर झाड़-फूंक या निजी प्रैक्टिशनर के भरोसे नहीं रहना चाहिए। सरकारी अस्पतालों में एंटी-स्नेक वेनम (एएसवी) पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। समय पर इलाज मिलने पर 90 प्रतिशत से अधिक मरीजों की जान बचाई जा सकती है। देरी ही सबसे बड़ा खतरा है। बीएमओ ने की अपील बीएमओ डॉ. पंकज वर्मा ने ग्रामीणों से अपील की है कि सर्पदंश की स्थिति में बिना समय गंवाए सीएचसी पलारी या नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचें और किसी भी प्रकार के अंधविश्वास से बचें।

Jun 25, 2026 - 14:51
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पलारी में 10 दिनों में स्नेक बाइट के 13 केस:अस्पताल पहुंचने में देरी, 2 बच्चों की मौत; 11 को समय पर मिला इलाज
बलौदाबाजार के पलारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में पिछले 10 दिनों के दौरान स्नेक बाइट के 13 मामले सामने आए हैं। इनमें 2 बच्चों की मौत हो गई, जबकि 11 लोगों का समय पर इलाज होने से उनकी जान बच गई। लगातार सामने आ रहे मामलों से ग्रामीणों में डर का माहौल है। मृतकों में ग्राम खरतोरा निवासी 8 साल का भुवनेश्वर फेकर शामिल है। उसे 20 जून को सांप ने काट लिया था, लेकिन अस्पताल पहुंचने में देरी होने के कारण इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं, भटिया गांव की 4 साल की सानिया गोरे को 19 जून को सांप ने काटा था। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। खरतोरा गांव में तीन दिनों के भीतर तीन लोगों को सांप ने काटा। इनमें भुवनेश्वर फेकर की मौत हो गई, जबकि डोमेश्वरी साहू (27) और ममता (16) का इलाज के बाद स्वास्थ्य सामान्य है। इसी गांव की नीलम निराला (16) को भी सांप ने काटा था, लेकिन समय पर उपचार मिलने से उनकी जान बच गई। पीड़ितों ने सुनाई आपबीती डोमेश्वरी साहू ने बताया कि वह घर में काम कर रही थीं, तभी सांप ने उनके पैर में काट लिया। दर्द होने पर परिजन तुरंत उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, जिससे समय पर इलाज मिल गया। लकड़िया गांव की चंद्रकली भारद्वाज (45) ने बताया कि घर के बाहर काम करते समय सांप ने उन्हें काट लिया था। परिजनों के साथ वह तुरंत अस्पताल पहुंचीं, जहां इलाज मिलने से उनकी जान बच गई। समय पर इलाज से बची कई जिंदगियां राज कन्नौजे (15) ने बताया, "मैं दोस्तों के साथ खेल रहा था। घास में छिपे सांप ने पैर में काट लिया। दर्द बहुत तेज था। परिवार वाले तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने इलाज शुरू कर दिया। अब मैं ठीक हूं, लेकिन घटना का डर अभी भी है।" मनीष कुमार निषाद (14) ने कहा, "मैं घर से बाहर जा रहा था, तभी रास्ते में सांप ने काट लिया। मेरी चीख सुनकर परिजन पहुंचे और तुरंत अस्पताल ले गए। समय पर इलाज मिलने से मेरी जान बच गई।" ये लोग भी हुए सर्पदंश का शिकार अन्य पीड़ितों में पलारी के कुलदीप कुमार धीवर (15), सीतापार के मन्नू राम धुव्र (45), कोसंमदा के राज कन्नौजे (15), बोईरडीह के खिलावन घृतलहरे (26), कोड़ापार के प्रकाश जोशी (10) और खपरी के अभय मार्कण्डेय (10) शामिल हैं। सभी का समय पर इलाज किया गया और उनकी हालत अब सामान्य है। डॉक्टर बोले- बरसात में बरतें सावधानी पलारी अस्पताल के डॉ. उमर ताज कुरैशी ने बताया कि बरसात के मौसम में सांप अपने बिलों से बाहर निकल आते हैं, इसलिए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने सलाह दी कि रात में अंधेरे में बाहर न निकलें, जमीन पर न सोएं, नंगे पैर न चलें और घर के आसपास साफ-सफाई रखें। झाड़-फूंक में समय न गंवाएं, तुरंत अस्पताल जाएं डॉ. कुरैशी ने कहा कि सर्पदंश होने पर झाड़-फूंक या निजी प्रैक्टिशनर के भरोसे नहीं रहना चाहिए। सरकारी अस्पतालों में एंटी-स्नेक वेनम (एएसवी) पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। समय पर इलाज मिलने पर 90 प्रतिशत से अधिक मरीजों की जान बचाई जा सकती है। देरी ही सबसे बड़ा खतरा है। बीएमओ ने की अपील बीएमओ डॉ. पंकज वर्मा ने ग्रामीणों से अपील की है कि सर्पदंश की स्थिति में बिना समय गंवाए सीएचसी पलारी या नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचें और किसी भी प्रकार के अंधविश्वास से बचें।

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